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Manipur Landslide: मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 29, प्रादेशिक सेना के पांच जवानों समेत आठ शव और बरामद
Sat, 02 Jul 2022 07:50 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इम्फाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इम्फाल
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 02 Jul 2022 07:50 PM IST
सार
जिन आठ शवों को बरामद किया गया है उनमें से पांच प्रादेशिक सेना के जवान हैं और एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी हैं। दो अन्य लोगों की अब तक पहचान नहीं की जा सकी है।
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मणिपुर में भूस्खलन
- फोटो : ANI
विस्तार
मणिपुर के नोने जिले रेलवे कंस्ट्रक्शन साइट पर भूस्खलन के दौरान मरने वालों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है। शनिवार को आठ और शवों को मलबे से बरामद किया गया है। अधिकारियों ने जानकारी दी।
अधिकारियों के मुताबिक, 29 जून की रात को तुपुल में रेलवे कंस्ट्रक्शन कैंप में भूस्खलन के बाद से 34 लोग अब भी लापता है। खराब मौसम सर्च ऑपरेशन को प्रभावित कर रहा है।
जिन आठ शवों को बरामद किया गया है उनमें से पांच प्रादेशिक सेना के जवान हैं और एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी हैं। दो अन्य लोगों की अब तक पहचान नहीं की जा सकी है।
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निर्माण स्थल पर सुरक्षा प्रदान करने के लिए रक्षाकर्मी वहां मौजूद हैं। एक अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को आठ शव और कल 13 शव मिले। उन्होंने बताया कि दो निर्माण कंपनियों के 14 कर्मचारियों, पांच ग्रामीणों और रेलवे के तीन कर्मचारियों समेत कुल 34 लोग अब भी लापता हैं। गुरुवार को घटना स्थल से 18 लोगों को बचाया गया।
सर्च ऑपरेशन सुबह 4 बजे शुरू हुआ और रेस्क्यू टीम को सावधानी से आगे बढ़ने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार तड़के से हो रही बारिश ने सर्च ऑपरेशन में बाधा उत्पन्न की है।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, राज्य पुलिस, असम राइफल्स और स्थानीय स्वयंसेवकों सहित 470 से अधिक कर्मियों को सर्च ऑपरेशन में तैनात किया गया है। इजाई नदी को अवरुद्ध करने वाले मलबे को साफ करने के लिए 30 से अधिक उत्खननकर्ताओं का उपयोग किया जा रहा है, जिससे बांध जैसा भंडारण हो रहा है और आसपास रहने वाले लोगों को खतरा है।
गुवाहाटी के एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि एक जूनियर कमीशंड अधिकारी सहित 14 रक्षाकर्मियों के शव उनके गृहनगर भेजे गए हैं। शवों को उनके गंतव्य तक भेजने से पहले इम्फाल में मृत कर्मियों को पूर्ण सैन्य सम्मान दिया गया।
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अधिकारियों के मुताबिक, 29 जून की रात को तुपुल में रेलवे कंस्ट्रक्शन कैंप में भूस्खलन के बाद से 34 लोग अब भी लापता है। खराब मौसम सर्च ऑपरेशन को प्रभावित कर रहा है।
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जिन आठ शवों को बरामद किया गया है उनमें से पांच प्रादेशिक सेना के जवान हैं और एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी हैं। दो अन्य लोगों की अब तक पहचान नहीं की जा सकी है।
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निर्माण स्थल पर सुरक्षा प्रदान करने के लिए रक्षाकर्मी वहां मौजूद हैं। एक अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को आठ शव और कल 13 शव मिले। उन्होंने बताया कि दो निर्माण कंपनियों के 14 कर्मचारियों, पांच ग्रामीणों और रेलवे के तीन कर्मचारियों समेत कुल 34 लोग अब भी लापता हैं। गुरुवार को घटना स्थल से 18 लोगों को बचाया गया।
सर्च ऑपरेशन सुबह 4 बजे शुरू हुआ और रेस्क्यू टीम को सावधानी से आगे बढ़ने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार तड़के से हो रही बारिश ने सर्च ऑपरेशन में बाधा उत्पन्न की है।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, राज्य पुलिस, असम राइफल्स और स्थानीय स्वयंसेवकों सहित 470 से अधिक कर्मियों को सर्च ऑपरेशन में तैनात किया गया है। इजाई नदी को अवरुद्ध करने वाले मलबे को साफ करने के लिए 30 से अधिक उत्खननकर्ताओं का उपयोग किया जा रहा है, जिससे बांध जैसा भंडारण हो रहा है और आसपास रहने वाले लोगों को खतरा है।
गुवाहाटी के एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि एक जूनियर कमीशंड अधिकारी सहित 14 रक्षाकर्मियों के शव उनके गृहनगर भेजे गए हैं। शवों को उनके गंतव्य तक भेजने से पहले इम्फाल में मृत कर्मियों को पूर्ण सैन्य सम्मान दिया गया।