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Manipur Crisis: राज्यपाल से मिले विपक्षी गठबंधन के सांसद, शांति बहाली पर दिया जोर; बीरेन सिंह पर साधा निशाना

Sun, 30 Jul 2023 10:54 PM IST
निर्मल कांत अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल
अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 30 Jul 2023 10:54 PM IST
सार

Manipur Crisis: विपक्षी सांसदों ने कहा कि राज्य के किसी भी समुदाय को मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह पर भरोसा नहीं है। मुख्यमंत्री को हटाए बिना राज्य में शांति स्थापित की कोशिशों को बल नहीं मिलेगा।

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Manipur Crisis: opposition alliance MPs met Governor, insisted on restoration of peace; target on Biren Singh
मणिपुर के राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब होते विपक्षी दलों के सांसद। - फोटो : पीटीआई

विस्तार

हिंसाग्रस्त मणिपुर दौरे पर गए 'इंडिया' के सांसदों ने रविवार को राज्य की राज्यपाल अनुसुइया उइके से मुलकाता की। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा। सांसदों ने कहा कि राज्य के किसी भी समुदाय को मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह पर भरोसा नहीं है। सांसदों ने कहा, मुख्यमंत्री को हटाए बिना राज्य में शांति स्थापित की कोशिशों को बल नहीं मिलेगा।

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राज्यपाल से मिलने के बाद हिंसाग्रस्त मणिपुर के दौरे पर गए सांसदों ने कहा कि पिछले करीब तीन महीनों में 140 से अधिक मौते हो चुकी हैं। 500 से अधिक लोग घायल हैं। 60 हजार से अधिक लोग विस्थापित हैं और राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने कहा, वे जहां-जहां भी गए लोगों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ शिकायत की। किसी भी समुदाय के लोग मुख्यमंत्री के कार्यकलापों से खुश नहीं हैं। 
 

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उन्होंने सवाल किया कि इतना कुछ होने के बावजूद भी मुख्यमंत्री को बर्खास्त नहीं किया गया, क्यों। आज भी मुख्यमंत्री कुर्सी पर बैठे हैं। इस सरकार ने लोगों का विश्वास खो दिया है। सांसद मनोज झा ने कहा, हमने राज्यपाल से न्याय के साथ शांति बहाली की कोशिश की जानी चाहिए। न्याय और शांतिपूर्ण घर वापसी ही, एक मात्र विकल्प है। चाहे वह मणिपुर हो या कोई प्रदेश। हालात खौफनाक है, दर्दनाक और पीड़ा दायक है। यह पीड़ा व्यक्तिगत भी है और सामूहिक भी।
 

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ज्ञापन में विपक्षी सांसदों ने मणिपुर के राज्यपाल से हिंसाग्रस्त राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए हर संभव उपाय शुरू करने का आग्रह किया। कांग्रेस पार्टी ने एक बयान में कहा कि भारत के प्रतिनिधिमंडल ने मणिपुर के राज्यपाल से मुलाकात की और अनुरोध किया कि सरकार जल्द से जल्द शांति बहाल करे और प्रभावित परिवारों का पुनर्वास करे। उल्लेखनीय है कि 21 सदस्यीय भारतीय सांसदों का प्रतिनिधिमंडल राज्य के दो दिवसीय दौरे पर 29 जुलाई को मणिपुर पहुंचा था और चुराचांदपुर, मोइरांग और इंफाल में राहत शिविरों का दौरा किया था।

ज्ञापन में कहा गया है कि हम वास्तव में, संघर्ष की शुरुआत के बाद से दोनों पक्षों (कुकी और मैतेई ) द्वारा की गई अभूतपूर्व हिंसा से प्रभावित व्यक्तियों की चिंताओं, अनिश्चितताओं, दर्द और दुखों की कहानियां सुनकर बहुत हैरान और दुखी हैं। सभी समुदायों में गुस्सा और अलगाव की भावना है, जिसे बिना किसी देरी के समाधान करने की जरूरत है। 
 

सांसदों ने ने यह भी कहा कि मणिपुर में मौजूदा संकट, केंद्र और राज्य सरकार दोनों की विफलता का परिणाम है। विपक्षी सांसदों ने कहा कि केंद्र और मणिपुर सरकार दोनों समुदायों के लोगों के जीवन और संपत्तियों की रक्षा करने में विफल रही। उन्होंने कहा कि मणिपुर में हिंसा के कारण 140 से अधिक मौतें, 500 से अधिक घायल, 5000 से अधिक घर जल गए और 60,000 से अधिक लोग आंतरिक विस्थापन हुए हैं। ज्ञापन में कहा गया कि सरकारी मशीनरी पूरी तरह से पिछले तीन महीनों से स्थिति को नियंत्रित करने में पूरी तरह से विफल रही है। सांसदों ने मणिपुर में जारी हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को लेकर सवाल किए।
 

दो कुकी महिलाओं को राज्यपाल ने दी आर्थिक मदद
मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके ने राज्य में शांति, सामान्य स्थिति और सद्भाव की बहाली के लिए अपना समर्थन दिखाने के लिए शनिवार को चुराचांदपुर में राहत शिविरों का दौरा किया था। अपनी यात्रा के दौरान, राज्यपाल ने उन दो महिलाओं से मुलाकात की, जिनके साथ चार मई को बर्बरता की गई थी। उन्होंने उन्हें मुआवजे के रूप में 10-10 लाख रुपए का चेक सौंपा और उन्हें अपनी सरकार के समर्थन का आश्वासन दिया। इस दौरान राज्यपाल ने कई राहत शिविरों का भी दौरा किया था और विस्थापित लोगों से बातचीत की थी।

फायरिंग में 12 साल की बच्ची घायल
मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के क्वाक्टा नगर परिषद क्षेत्र में उपद्रवियों की गोलीबारी की घटना में तीसरी कक्षा की एक छात्रा घायल हो गई। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। घायल 12 वर्षीय घायल बच्ची की पहचान सलीमा के रूप में हुई है। सलीमा मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के क्वाक्टा गांव स्थित रेडियंट पब्लिक स्कूल में तीसरी कक्षा की छात्रा है। उसकी पीठ पर दाहिनी ओर गोली लगी थी। घटना शनिवार सुबह करीब 8 बजे की है।
 

आईटीएलएफ प्रवक्ता के खिलाफ प्राथमिकी
मणिपुर पुलिस ने विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने और सार्वजनिक शरारत करने के आरोप में ‘इंडिजिनियस ट्राइबल लीडर्स फोरम’ (आईटीएलएफ) के प्रवक्ता गिन्जा वुएलजोंग के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। हालांकि, प्रवक्ता ने उनके खिलाफ लगे आरोपों को खारिज किया है। पुलिस ने एक व्यापारी से मिली शिकायत के आधार पर जीरो एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच के लिए प्राथमिकी को बाद में तामेंगलोंग जिले के खोंगसांग थाने में भेजा जाएगा।

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