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मणिपुर ड्रग्स केसः कोर्ट ने जांच पर असंतोष जताया तो एएसपी बृंदा ने लौटाया मुख्यमंत्री पदक
Sun, 20 Dec 2020 11:30 AM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sun, 20 Dec 2020 11:30 AM IST
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पुलिस अफसर थौनाओजम बृंदा
- फोटो : Twitter
मणिपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) थौनाओजम बृंदा ने ड्रग्स मामले में आरोपी भाजपा नेताओं के बरी होने व कोर्ट द्वारा जांच पर असंतोष जताने के बाद मुख्यमंत्री पुलिस पदक लौटा दिया। एएसपी बृंदा को यह मेडल ड्रग्स मामले में जांच को लेकर दिया गया था। ड्रग्स मामले में भाजपा के पूर्व एडीसी चेयरमैन और अन्य छह लोगों पर आरोप लगाया गया था।
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महिला पुलिस अधिकारी ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को पत्र लिखकर बताया कि उन्होंने अदालत के आदेश की वजह से मेडल को वापस लौटाया है। दरअसल, अदालत ने ड्रग्स मामले में जांच को असंतोषजनक बताते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया है।
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पुलिस अधिकारी थौनाओजम बृंदा को 13 अगस्त, 2018 को देशभक्त दिवस के अवसर पर मादक पदार्थों के खिलाफ राज्य सरकार की लड़ाई में योगदान देने के लिए मुख्यमंत्री पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था।
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पुलिस अधिकारी ने राज्य सरकार के लिए पूरे सम्मान के साथ और एनडीपीएस अदालत के फैसले का पालन करते हुए पदक लौटाया है। लामफेल की एनडीपीएस कोर्ट ने भाजपा के पूर्व एडीसी चैयरमेन लुखोशी जो और अन्य छह लोगों को बरी कर दिया। इस ड्रग्स केस में बड़ी मात्रा में ड्रग्स बरामद हुआ था। अपने पत्र में बृंदा ने कहा कि अदालत ने इस मामले में जांच और अभियोजन को असंतोषजनक माना है, इसलिए वह अपना मेडल लौटा रही हैं।
अपने पत्र में बृंदा ने कहा, मैं नैतिक रूप से यह महसूस कर रही हूं कि मैंने राज्य के आपराधिक न्याय वितरण प्रणाली की इच्छा के अनुसार अपना कर्तव्य नहीं निभाया है। इसलिए मैं खुद को आपके द्वारा मुझे दिए गए सम्मान के योग्य नहीं मानती हूं, इसलिए मैं राज्य के गृह विभाग को मेडल लौटा रही हूं ताकि यह किसी अधिक योग्य और वफादार पुलिस अधिकारी को दिया जा सके।