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बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री पर मेटा को नोटिस: आज फिर तलब किए अधिकारी; क्या है पूरा मामला?
Wed, 16 Sep 2026 12:16 AM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 16 Sep 2026 12:16 AM IST
सार
एनसीपीसीआर ने आज मेटा इंडिया के एमडी और प्रमुख को तलब किया है। बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री के मामले में आयोग ने जांच शुरू की है। मेटा ने अपनी नीति में क्या बदलाव किया और अब आई4सी को क्यों रिपोर्ट कर रहा है? पढ़िए रिपोर्ट
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
विस्तार
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने तीन जुलाई 2026 को मेटा को नोटिस जारी किया था। यह नोटिस बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़ी सामग्री (सीएसईएएम) वाले विज्ञापनों के मामले में जारी किया गया था। आयोग ने इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा था। इसके एक हफ्ते बाद मेटा ने अपना जवाब दाखिल किया था। सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि इसके बाद एनसीपीसीआर ने मामले के तथ्यों का पता लगाने के लिए औपचारिक जांच शुरू करने का फैसला लिया है। इस जांच को आगे बढ़ाते हुए आयोग ने एक बार फिर मेटा इंडिया के प्रबंधन निदेशक (एमडी) और प्रमुख को तलब किया है। उनकी सुनवाई आज यानी 16 सितंबर तय की गई है।
ये भी पढ़ें: टीएमसी के 10 बागी विधायकों पर अयोग्यता की तलवार: बंगाल विधानसभा सचिवालय ने भेजा नोटिस; क्या होगा अगला कदम?
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सीएसईएएम मामले में एनसीपीसीआर की लगातार कार्रवाई के बाद मेटा ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़े मामों की रिपोर्टिंग की अपनी नीति में बदलाव किया है। मेटा ने अब ऐसे मामलों की रिपोर्ट भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) को करना शुरू कर दिया है।
बंगलूरू के देखभाल केंद्र का भी लिया संज्ञान
एनसीपीसीआर ने एक अन्य मामले में बंगलूरू में कैपजेमिनी की ओर से चला जा रहे देखभाल केंद्र में बच्चों से कथित दुर्व्यवहार के मामले में भी कार्रवाई की है। आयोग ने इस मामले में कैपजेमिनी के उपाध्यक्ष को भी आज तलब किया है। आयोग इस मामले की जांच करेगा। इसका मकसद यह पता लगाना है कि इस मामले में जिम्मेदारी किसकी बनती है।
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सरकारी सूत्रों ने बताया कि इसके बाद एनसीपीसीआर ने मामले के तथ्यों का पता लगाने के लिए औपचारिक जांच शुरू करने का फैसला लिया है। इस जांच को आगे बढ़ाते हुए आयोग ने एक बार फिर मेटा इंडिया के प्रबंधन निदेशक (एमडी) और प्रमुख को तलब किया है। उनकी सुनवाई आज यानी 16 सितंबर तय की गई है।
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सीएसईएएम मामले में एनसीपीसीआर की लगातार कार्रवाई के बाद मेटा ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़े मामों की रिपोर्टिंग की अपनी नीति में बदलाव किया है। मेटा ने अब ऐसे मामलों की रिपोर्ट भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) को करना शुरू कर दिया है।
बंगलूरू के देखभाल केंद्र का भी लिया संज्ञान
एनसीपीसीआर ने एक अन्य मामले में बंगलूरू में कैपजेमिनी की ओर से चला जा रहे देखभाल केंद्र में बच्चों से कथित दुर्व्यवहार के मामले में भी कार्रवाई की है। आयोग ने इस मामले में कैपजेमिनी के उपाध्यक्ष को भी आज तलब किया है। आयोग इस मामले की जांच करेगा। इसका मकसद यह पता लगाना है कि इस मामले में जिम्मेदारी किसकी बनती है।