बंगाल: ममता ने प्रशांत किशोर को दिया अल्टीमेटम! पीके ने भाजपा को लेकर की ये भविष्यवाणी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता लगातार पार्टी का साथ छोड़कर दूसरी पार्टियों का दामन थाम रहे हैं। पार्टी अपने बागियों को नहीं रोक पा रही है। पार्टी के अंदर बगावत के सुर लगातार तेज हो रहे हैं। ऐसे में पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पार्टी के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर उर्फ पीके से काफी नाराज हैं। इसी बीच प्रशांत किशोर ने भाजपा को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि भाजपा राज्य में दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाएगी। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने उनपर पलटवार किया है। भाजपा नेता का कहना है कि चुनाव के बाद देश को एक चुनाव रणनीतिकार खोना पड़ेगा।
दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाएगी भाजपा
प्रशांत किशोर ने सोमवार को ट्वीट कर कहा, 'मीडिया का एक वर्ग भाजपा के समर्थन में माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है, वास्तव में भाजपा पश्चिम बंगाल में डबल डिजिट (दहाई आंकड़ा) के लिए भी संघर्ष करेगी। कृपया इस ट्वीट को सेव करके रखें और यदि भाजपा इससे बेहतर प्रदर्शन करती है तो मैं ये काम छोड़ दूंगा।'
For all the hype AMPLIFIED by a section of supportive media, in reality BJP will struggle to CROSS DOUBLE DIGITS in #WestBengal
विज्ञापन विज्ञापन
PS: Please save this tweet and if BJP does any better I must quit this space! — Prashant Kishor (@PrashantKishor) December 21, 2020
देश को खोना पड़ेगा चुनावी रणनीतिकार: विजयवर्गीय
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने प्रशांत किशोर पर तंज कसते हुए कहा, 'भाजपा की बंगाल में जो सुनामी चल रही है, सरकार बनने के बाद इस देश को एक चुनाव रणनीतिकार खोना पड़ेगा।'
यह भी पढ़ें- 'बंगाल में दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाएगी भाजपा' विजयवर्गीय बोले- देश को खोना पड़ेगा चुनावी रणनीतिकार
ममता ने किशोर को दिया अल्टीमेटम
पार्टी नेताओं के बगावती सुर अपनाने के मद्देनजर ममता ने पीके को अल्टीमेटम दे दिया है। यदि वह स्थिति को नियंत्रित करने में असफल होते हैं तो खुद ममता आखिरी फैसला लेंगी। टीएमसी के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी सहित कई नेताओं के पार्टी छोड़ने के बाद पार्टी अब डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। पार्टी में आई दरार को पाटने के लिए अब खुद ममता बनर्जी को मैदान में उतरना पड़ रहा है।
टीएमसी से बगावत करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं में सबसे ज्यादा नाराजगी पीके और उनकी कंपनी आई पैक की वजह से आई है। नाराज नेताओं का कहना है कि ये लोग पार्टी के जनता के नहीं बल्कि कॉरपोरेट अंदाज में चलाना चाहते हैं। ये बंगाल की राजनीतिक रुचि के अनुरूप नहीं है। यही कारण है कि उनकी कार्यशैली से नाराज होकर नेता पार्टी से किनारा कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें- बंगाल में गरजे शाह, कहा- हमने यहां ऐसा कुछ नहीं किया जो संघीय ढांचे के खिलाफ हो
नेताओं और कार्यकर्ताओं की बढ़ती नाराजगी को भांपते हुए पिछले दिनों कालीघाट में हुई पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में ममता ने प्रशांत किशोर से जवाब-तलब किया। सूत्रों के अनुसार बैठक में ममता ने किशोर से इस मुद्दे पर नाराजगी जताते हुए उन्हें इन समस्याओं का तुरंत निदान करने का निर्देश दिया है।
ममता ने आईपैक के साथ किया है 400 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट
ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक की सलाह पर टीएमसी ने आई पैक के साथ 400 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट का करार किया है। सूत्र बताते हैं कि पीके की टीम ने पार्टी को कॉरपोरेट स्टाइल में चलाना शुरू कर दिया है। आवेग और भावना की राजनीति करने वाले पार्टी नेताओं को उनका यह स्टाइल रास नहीं आ रहा है।