बंगाल में गरजे शाह, कहा- हमने यहां ऐसा कुछ नहीं किया जो संघीय ढांचे के खिलाफ हो
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे का आज दूसरा दिन है। वे यहां राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए पहुंचे हैं। रविवार को शाह पश्चिम बंगाल के बीरभूम पहुंचे। उन्होंने शांति निकेतन में विश्व भारती विश्वविद्यालय पहुंचकर रबींद्रनाथ भवन में गुरू रबींद्रनाथ टैगोर को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने विश्वविद्यालय में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
गृह मंत्री ने बाउल गायक के परिवार के साथ दोपहर का भोजन किया। इसके बाद उन्होंने स्टेडियम रोड पर हनुमान मंदिर से बोलपुर सर्किल तक रोड शो किया। इससे पहले शनिवार को अपने दौरे की शुरुआत उन्होंने कोलकाता में स्वामी विवेकानंद की जन्मस्थली का दौरा करके किया था।
तोमर एक-दो दिन में प्रदर्शनकारी किसानों से मिल सकते हैं: शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के एक-दो दिन में मुलाकात करने की संभावना है।
शाह ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मैं समय के बारे में पूरी तरह से अवगत नहीं हूं, लेकिन किसानों के प्रतिनिधियों से उनकी मांगों पर चर्चा के लिए तोमर के कल (सोमवार) या परसों (मंगलवार) मुलाकात करने की संभावना है।
ममता किसानों को केंद्रीय योजनाओं का लाभ नहीं देतीः शाह
अमित शाह ने कहा कि ममता बनर्जी किसानों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन करती हैं लेकिन बंगाल के किसानों को केंद्रीय योजनाओं का लाभ मिलने की अनुमति नहीं देती हैं। मोदी जी ने देश के 10 करोड़ किसानों को 95 हजार करोड़ रुपये की सहायता विगत ड़ेढ साल के अंदर दी है। यह सहायता बंगाल के एक भी किसान को नहीं मिली क्योंकि ममता दीदी ने सूची नहीं भेजती हैं।
संघीय ढांचे के खिलाफ ऐसा कोई काम नहीं कियाः शाह
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि हमने बंगाल में ऐसा कुछ नहीं किया जो संघीय ढांचे के खिलाफ हो।
बंगाल में राजनीतिक हिंसा चरम पर
जिस तरह से टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बंगाल दौरे के दौरान हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष पर हमला किया, भाजपा उसकी निंदा करती है और मैं व्यक्तिगत रूप से भी इसकी निंदा करता हूं। बंगाल में राजनीतिक हिंसा चरम पर है। भाजपा का मानना है कि लोकतंत्र में सभी को अपने विचार रखने का अधिकार होना चाहिए।
इस बार बंगाल में कमल ही खिलेगाः शाह
रोड शो में ममता बनर्जी को चुनौती देते हुए शाह ने कहा कि दीदी चुनाव के मैदान में आ जाओ क्योंकि इस बार बंगाल में कमल ही खिलेगा। बंगाल की जनता परिवर्तन चाहती है। ये बंगाल के विकास के लिए परिवर्तन है। ये परिवर्तन बांग्लादेश से घुसपैठ को रोकने के लिए है। यह परिवर्तन हिंसा को समाप्त करने के लिए है
5 साल में 'सोनार बांग्ला' बनाकर दिखाएंगेः शाह
नरेंद्र मोदी को एक मौका दीजिए। हम 5 साल में 'सोनार बांग्ला' बनाकर दिखाएंगे।
लोगों में ममता बनर्जी के खिलाफ गुस्साः शाह
बंगाल के लोगों में ममता बनर्जी के शासन के खिलाफ गुस्सा है। लोग बदलाव के लिए तरस रहे हैं।
ऐसा रोड शो अपने जीवन में नहीं देखा
अमित शाह ने कहा की अपनी जिंदगी में इतना भव्य रोड शो नहीं देखा। यहां के लोग भारतीय जनता पार्टी के साथ हैं।
बांग्लादेशी घुसपैठिए को भगाने के लिए परिवर्तन चाहते हैं लोग
बंगाल के लोग बांग्लादेशी घुसपैठिए को राज्य से बाहर भेजने के लिए परिवर्तन चाहते हैं।
बंगाल में जल्द से जल्द बदलाव चाहते हैं लोगः शाह
रोड शो के बीच अमित शाह ने ट्वीट करते हुए लिखा कि बंगाल में लोग जल्द से जल्द बदलाव चाहते हैं। यहां के लोग बंगाल में विकास के लिए परिवर्तन चाहते हैं।
शाह का रोड शो शुरू
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बोलपुर में एक रोड शो कर रहे हैं।
Roadshow in Bolpur, West Bengal https://t.co/gkczoXc5OX
— Amit Shah (@AmitShah) December 20, 2020
बाउल गायक के घर अमित शाह ने किया भोजन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुकुल रॉय और दिलीप घोष सहित अन्य पार्टी नेताओं ने बीरभूम जिले के बोलपुर में एक बाउल गायक के आवास पर दोपहर का भोजन किया।
West Bengal: Union Home Minister & BJP leader Amit Shah & other party leaders including Mukul Roy & Dilip Ghosh having lunch at the residence of a Baul singer at Bolpur, Birbhum district. pic.twitter.com/cYuEdDGmsV
— ANI (@ANI) December 20, 2020
टैगोर को जब नोबेल मिला तब उसका सम्मान बढ़ा
शांति निकेतन के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अमित शाह ने कहा, 'टैगोर के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। वह एकमात्र ऐसे शख्स हैं जिन्हें दो देशों के राष्ट्रगान लिखने का सम्मान मिला है। गुरुदेव को जब नोबेल मिला तो मैंने किसी की उक्ति पढ़ी थी कि गुरुदेव के ज्ञान को, गुरुदेव के साहित्य को, गुरुदेव की कविता को नोबेल पुरस्कार ने स्वीकार किया है। मैं इतना बहुत मानता हूं कि नोबेल ने गुरुवर की कविताओं को स्वीकारा। नोबेल ने गुरुवर को सम्मानित करके अपने आप को एकनॉलेज किया है।'