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SIR: पश्चिम बंगाल में बीएलओ की मौत पर भड़कीं ममता बनर्जी, ECI से पूछा- एसआईआर के लिए और कितनी जानें जाएंगी?
Sat, 22 Nov 2025 07:04 PM IST
देवेश त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Sat, 22 Nov 2025 07:04 PM IST
सार
टीएमसी नेता अरूप बिस्वास ने कहा कि जिस काम को करने में दो साल लगते हैं, उसे दो महीने में निपटाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि हर बूथ पर 150 से 200 मतदाताओं के नाम जानबूझकर गायब किए जा रहे हैं।
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ममता बनर्जी, सीएम, पश्चिम बंगाल
- फोटो : ANI
विस्तार
पश्चिम बंगाल में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) लगातार चुनाव आयोग पर निशाना साधा रही है। टीएमसी ने राज्य में कई बूथ स्तर के अधिकारियों और आम नागरिकों की मौत के लिए एसआईआर की प्रक्रिया को दोषी ठहराया है।
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तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर एक पार्टी के लिए काम करने का आरोप लगाया। पार्टी की ओर दावा किया गया है कि राज्य में एसआईआर की वजह से अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी है। पार्टी ने चुनाव आयोग से इन मौतों की जिम्मेदारी लेने की मांग की है।
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पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में एक और बूथ लेवल ऑफिसर के आत्महत्या कर ली। इस घटना पर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर भड़क गईं। उन्होंने आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि एसआईआर की वजह से और कितने बीएलओ को मरना होगा?
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ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, 'कृष्णानगर में एक और बीएलओ दिव्यांग महिला शिक्षिका की आत्महत्या की खबर सुनकर गहरा सदमा लगा है। बीएलओ रिंकू तरफदार ने आत्महत्या करने से पहले अपने सुसाइड नोट में चुनाव आयोग को दोषी ठहराया है।'
उन्होंने कहा, 'और कितनी जानें जाएंगी? इसके लिए और कितने लोगों को मरना होगा? इस प्रक्रिया के लिए हमें और कितनी लाशें देखनी पड़ेंगी? यह अब वाकई चिंताजनक हो गया है।' वहीं, वरिष्ठ टीएमसी नेताओं अरूप बिस्वास, चंद्रिमा भट्टाचार्य और पार्थ भौमिक ने शनिवार को चुनाव आयोग के कार्यालय में इन घटनाओं के बारे में चिंता जताते हुए ज्ञापन सौंपा।
अरूप बिस्वास ने कहा कि जिस काम को करने में दो साल लगते हैं, उसे दो महीने में निपटाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि हर बूथ पर 150 से 200 मतदाताओं के नाम जानबूझकर गायब किए जा रहे हैं और आयोग की वेबसाइट गलतियों से भरी है। उन्होंने कहा कि इन खामियों की वजह से ही लोगों की जान जा रही है।
टीएमसी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बीएलओ को एसआईआर के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। भट्टाचार्य ने कहा कि बीएलओ को बिना उचित प्रशिक्षण के अनुचित दबाव में रखा जा रहा है, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ रही है।