Mahua Moitra: विवादों में घिरीं महुआ का राजीव चंद्रशेखर और निशिकांत दुबे पर पलटवार; सरकार से की यह मांग
टीएमसी सांसद मोइत्रा ने कहा, मैं आईटी कम्युनिकेशन और डाटा प्रोटेक्शन पर जेपीसी की सदस्य हूं। यह सभी भारतीय के लिए एक वैध प्रश्न है। यदि को शत्रु राष्ट्र एप्स से डेटा चुरा सकता है, तो क्या वे विदेश में संग्रहीत भारतीय यूजर्स का डाटा नहीं चुरा सकते?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी है। मोइत्रा ने कहा कि अगर एक दुश्मन देश एप्स का डेटा चुरा सकता है, तो क्या वे विदेश में संग्रहीत भारतीय यूजर्स का डाटा नहीं चुरा सकते हैं।
मोइत्रा ने आरोपों का खंडन करते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया और कहा कि यह आरोप लगाकर मेरी बुद्धिमत्ता का अपमान न करें कि मैं दूसरों को आगे कर रही हूं।
एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, सर, मैं आईटी कम्युनिकेशन और डाटा प्रोटेक्शन पर जेपीसी की सदस्य हूं। यह सभी भारतीय के लिए एक वैध प्रश्न है। यदि को शत्रु राष्ट्र एप्स से डेटा चुरा सकता है, तो क्या वे विदेश में संग्रहीत भारतीय यूजर्स का डाटा नहीं चुरा सकते? यह आरोप लगाकर मेरी बुद्धिमत्ता का अपमान न करें कि मैं दूसरों को आगे कर रही हूं। रुइया ने कुछ ऐसा किया जो पुरुष करते हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ 'पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने' के आरोपों पर कहा कि यह वास्तव में चौंकाने वाला और शर्मनाक है। उन्होंने आगे कहा कि अगर आरोप सही साबित होते हैं तो यह 'भयानक उपहास और पीक्यू (संसदीय सवाल) का दुरुपयोग' है।
चंद्रशेखर ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया, 'मुझे खबरों से पता चला है कि यह संसदीय सवाल एक सांसद ने डाटा सेंटर कंपनी के कहने पर पूछा था। अगर यह सच है तो यह वास्तव में चौंकाने वाला और शर्मनाक है।'
उन्होंने आगे कहा, 'यह सच है कि यह कंपनी डाटा स्थानीयकरण के लिए सक्रिय रूप से और आक्रामक रूप से पैरवी कर रही थी, जब इस कंपनी के प्रमुख मुझसे मिले थे। पीक्यू में उपयोग की जाने वाली भाषा बहुत समान है (डाटा स्थानीयकरण की आवश्यकता को डाटा उल्लंघनों से जोड़ना)। मुझे इस बारे में पूरे तथ्यों या पृष्ठभूमि की जानकारी नहीं है, लेकिन अगर यह सच है तो यह पीक्यू का एक भयानक उपहास और दुरुपयोग है।'
इससे पहले दिन में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय आईटी राज्य मंत्री (एमओएस) राजीव चंद्रशेखर को पत्र लिखकर मोइत्रा के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए एक जांच समिति की मांग की। दुबे ने दावा किया कि उच्चतम न्यायालय के एक वकील ने तृणमूल कांग्रेस सांसद और कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के बीच रिश्वत के लेन-देन के आरोप लगाए थे।
वहीं, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखे गए पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए मोइत्रा ने आईटी मंत्री से सभी सांसदों के स्थान और लॉगिन विवरण जारी करने के लिए कहा, क्योंकि संसदीय कार्य सहायकों की बड़ी टीमों द्वारा संभाला जाता है।
मोइत्रा ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया, 'सांसदों के सभी संसदीय कार्य निजी सहायक, सहायक, इंटर्न, बड़ी टीमों द्वारा किए जाते हैं। आदरणीय अश्विनी वैष्णव कृपया सीडीआर के साथ सभी सांसदों के स्थान और लॉगिन विवरण का विवरण जारी करें। कृपया लॉगिन करने के लिए कर्मचारियों को दिए गए प्रशिक्षण पर जानकारी जारी करें।'