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Maharashtra: 'उद्धव आधुनिक दुर्योधन, पार्टी बचाने के लिए राज ठाकरे पर डोरे डाल रहे', शिवसेना का बड़ा हमला
Mon, 21 Apr 2025 03:28 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 21 Apr 2025 03:28 PM IST
सार
शिवसेना ने कहा कि 'राज ठाकरे, कभी भी शिवसेना यूबीटी के झांसे में नहीं आएंगे। उन्हें अविभाजित शिवसेना से निकाला गया था, अब जब जहाज डूब रहा है तो वे चाहते हैं कि राज ठाकरे वापस आ जाएं, लेकिन राज ठाकरे बेवकूफ राजनेता नहीं हैं।'
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उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे
- फोटो : ANI
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विस्तार
शिवसेना ने शिवसेना यूबीटी के नेता उद्धव ठाकरे पर बड़ा हमला बोला है। शिवेसना के प्रवक्ता और पार्टी सांसद नरेश महस्के ने कहा कि उद्धव ठाकरे आधुनिक दुर्योधन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे ने अविभाजित शिवसेना में कभी भी राज ठाकरे को नहीं उभरने दिया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में महस्के ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे अपनी पार्टी के घटते जनाधार से परेशान हैं और इसी लिए वे राज ठाकरे को अपने साथ लाना चाहते हैं।
'शिवसेना यूबीटी में भीड़ खींचने वाला नेता नहीं बचा'
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में इन दिनों राज ठाकरे की पार्टी मनसे और उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना यूबीटी में गठबंधन के कयास लगाए जा रहे हैं। हाल ही में दोनों नेताओं ने संकेत दिए कि वे साथ आ सकते हैं और महाराष्ट्र की भलाई के लिए मामूली मुद्दों को नजरअंदाज कर सकते हैं। इससे राज्य का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। इस बीच शिवसेना सांसद नरेश महस्के ने कहा कि 'शिवसेना यूबीटी में अब कोई भीड़ खींचने वाला नेता नहीं बचा है। ये अहसास होने के बाद ही राज ठाकरे को साथ लाने की कोशिश हो रही है। शिवसेना यूबीटी लोकसभा और राज्यसभा दोनों जगह अस्तित्व के संकट से जूझ रही है।'
ये भी पढ़ें- बयानबाजी: 'मैं भारत के विचार में यकीन रखता हूं, नफरत की राजनीति में नहीं', निशिकांत दुबे पर कुरैशी का पलटवार
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'राज ठाकरे, शिवसेना यूबीटी के झांसे में नहीं आएंगे'
उद्धव ठाकरे को आधुनिक दुर्योधन बताते हुए महस्के ने कहा कि 'उन्होंने (उद्धव ठाकरे) अपने भाई राज ठाकरे को कभी भी पार्टी में नहीं उभरने दिया, जबकि खुद बाला साहेब ठाकरे चाहते थे कि राज ठाकरे को पार्टी में अहम जिम्मेदारी मिले, लेकिन उद्धव ठाकरे ने इसका पुरजोर विरोध किया।' शिवसेना ने कहा कि 'राज ठाकरे, कभी भी शिवसेना यूबीटी के झांसे में नहीं आएंगे। उन्हें अविभाजित शिवसेना से निकाला गया था, अब जब जहाज डूब रहा है तो वे चाहते हैं कि राज ठाकरे वापस आ जाएं, लेकिन राज ठाकरे बेवकूफ राजनेता नहीं हैं।'
ये भी पढ़ें- Maharashtra: महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज; एक मंच पर दिखे शरद-अजित पवार, फिर लगने लगीं साथ आने की अटकलें
वक्फ कानून के मुद्दे पर भी शिवसेना यूबीटी को घेरा
शिवसेना ने वक्फ कानून के मुद्दे पर भी शिवसेना यूबीटी को घेरा और आरोप लगाया कि पार्टी ने हिंदुत्व पर दोहरा चरित्र अपनाया हुआ है। महस्के ने कहा कि वे वक्फ कानून का समर्थन नहीं करते। साथ ही वे राजनीतिक फायदे के लिए कक्षा 1 से पांच तक हिंदी पढ़ाने का भी विरोध कर रहे हैं। हिंदी पहले ही कक्षा पांच में पढ़ाई जाती है। वे वोटों के लिए ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं। महस्के ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भी आलोचना की और कहा कि वे देश के बाहर जाकर बयानबाजी करते हैं, लेकिन संसद में जरूरी मुद्दे उठाने में असफल रहते हैं। शिवसेना ने कहा कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की बढ़ती लोकप्रियता से डरी हुई है।
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'शिवसेना यूबीटी में भीड़ खींचने वाला नेता नहीं बचा'
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में इन दिनों राज ठाकरे की पार्टी मनसे और उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना यूबीटी में गठबंधन के कयास लगाए जा रहे हैं। हाल ही में दोनों नेताओं ने संकेत दिए कि वे साथ आ सकते हैं और महाराष्ट्र की भलाई के लिए मामूली मुद्दों को नजरअंदाज कर सकते हैं। इससे राज्य का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। इस बीच शिवसेना सांसद नरेश महस्के ने कहा कि 'शिवसेना यूबीटी में अब कोई भीड़ खींचने वाला नेता नहीं बचा है। ये अहसास होने के बाद ही राज ठाकरे को साथ लाने की कोशिश हो रही है। शिवसेना यूबीटी लोकसभा और राज्यसभा दोनों जगह अस्तित्व के संकट से जूझ रही है।'
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'राज ठाकरे, शिवसेना यूबीटी के झांसे में नहीं आएंगे'
उद्धव ठाकरे को आधुनिक दुर्योधन बताते हुए महस्के ने कहा कि 'उन्होंने (उद्धव ठाकरे) अपने भाई राज ठाकरे को कभी भी पार्टी में नहीं उभरने दिया, जबकि खुद बाला साहेब ठाकरे चाहते थे कि राज ठाकरे को पार्टी में अहम जिम्मेदारी मिले, लेकिन उद्धव ठाकरे ने इसका पुरजोर विरोध किया।' शिवसेना ने कहा कि 'राज ठाकरे, कभी भी शिवसेना यूबीटी के झांसे में नहीं आएंगे। उन्हें अविभाजित शिवसेना से निकाला गया था, अब जब जहाज डूब रहा है तो वे चाहते हैं कि राज ठाकरे वापस आ जाएं, लेकिन राज ठाकरे बेवकूफ राजनेता नहीं हैं।'
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वक्फ कानून के मुद्दे पर भी शिवसेना यूबीटी को घेरा
शिवसेना ने वक्फ कानून के मुद्दे पर भी शिवसेना यूबीटी को घेरा और आरोप लगाया कि पार्टी ने हिंदुत्व पर दोहरा चरित्र अपनाया हुआ है। महस्के ने कहा कि वे वक्फ कानून का समर्थन नहीं करते। साथ ही वे राजनीतिक फायदे के लिए कक्षा 1 से पांच तक हिंदी पढ़ाने का भी विरोध कर रहे हैं। हिंदी पहले ही कक्षा पांच में पढ़ाई जाती है। वे वोटों के लिए ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं। महस्के ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भी आलोचना की और कहा कि वे देश के बाहर जाकर बयानबाजी करते हैं, लेकिन संसद में जरूरी मुद्दे उठाने में असफल रहते हैं। शिवसेना ने कहा कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की बढ़ती लोकप्रियता से डरी हुई है।
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