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महाराष्ट्र सियासी संकट: शिवसेना के बंटवारे पर 14 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, उद्धव गुट ने रखी ये मांग

Tue, 10 Jan 2023 02:07 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 10 Jan 2023 02:07 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह शिवसेना के विभाजन से उत्पन्न सियासी संकट से जुड़ी याचिकाओं पर 14 फरवरी को सुनवाई शुरू करेगा।

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Maharashtra Political Crisis, Supreme Court to commence hearing pleas on Feb 14
सुप्रीम कोर्ट

विस्तार

सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को महाराष्ट्र राजनीतिक संकट के संबंध में प्रतिद्वंद्वी गुटों उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा दायर याचिकाओं के एक बैच की सुनवाई 14 फरवरी के लिए स्थगित कर दी। चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस एमआर शाह, कृष्णा मुरारी, हिमा कोहली और पीएस नरसिम्हा की पांच जजों की संविधान पीठ ने कहा,  हम इस पर 14 फरवरी को सुनवाई करेंगे। शीर्ष अदालत पहले इस पर दलीलें सुनेगी कि मामले की सुनवाई सात न्यायाधीशों की पीठ को भेजा जाए या  पांच न्यायाधीशों की पीठ को।

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ठाकरे गुट ने रखी ये मांग
शुरुआत में, ठाकरे गुट की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पीठ को बताया कि पिछली सुनवाई में उन्होंने संकेत दिया था कि वह इस मामले की सुनवाई के लिए सात न्यायाधीशों की पीठ की आवश्यकता पर बहस करना चाहते हैं। वरिष्ठ वकील सिब्बल ने कहा कि जब मामले को सुनवाई के लिए लिया जाएगा, तो वह नबाम रेबिया मामले में संविधान पीठ के दृष्टिकोण की सत्यता के संदर्भ के लिए बहस करेंगे। दरअसल, 2016 में, पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने नबाम रेबिया मामले का फैसला करते हुए कहा था कि विधानसभा अध्यक्ष विधायकों की अयोग्यता की याचिका पर आगे नहीं बढ़ सकते हैं, अगर स्पीकर को हटाने की पूर्व सूचना सदन में लंबित है। 
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इस साल की शुरुआत में ठाकरे और शिंदे गुट में हुआ था विभाजन
बता दें कि इस साल की शुरुआत में, शिवसेना विधायक शिंदे और 39 अन्य विधायकों द्वारा पार्टी के नेतृत्व के खिलाफ बगावत करने के बाद राज्य में ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार गिर गई, जिसमें शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस शामिल थी। इसने बाद में ठाकरे के नेतृत्व वाले एक गुट और शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना में विभाजन का नेतृत्व किया।

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