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Maharashtra Political Crisis: 'ज्यादा से ज्यादा क्या होगा, सत्ता जाएगी' सियासी संकट पर बोले संजय राउत
Wed, 22 Jun 2022 11:00 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 22 Jun 2022 11:00 AM IST
सार
महाराष्ट्र में सियासी संकट से निपटने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज दोपहर एक बजे कैबिनेट की बैठक बुलाई है। इस बीच एक बार फिर से संजय राउत मीडिया के सामने आए।
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संजय राउत
- फोटो : ANI
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विस्तार
महाराष्ट्र में सियासी संकट के बीच शिवसेना नेता संजय राउत एक बार फिर से मीडिया के सामने आए। मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा क्या होगा, सत्ता ही न जाएगी। पार्टी की प्रतिष्ठा सबसे ऊपर है उसके बाद ही सबकुछ। उन्होने कहा कि फिलहाल अच्छे माहौल में बात हो रही है। बातें बढ़ा-चढ़ाकर की जा रही हैं।
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एकनाथ शिंदे के लिए पार्टी छोड़ना आसान नहीं: संजय राउत
एकनाथ शिंदे हमारे बहुत अच्छे मित्र हैं। सालों साल से हम एक दूसरे के साथ काम कर रहे हैं। उनके लिए आसान नहीं है पार्टी छोड़ना और हमारे लिए भी उनको छोड़ना आसान नहीं है। राउत ने कहा कि जो विधायक एकनाथ शिंदे के साथ हैं, उनसे बातचीत चल रही है, सब शिवसेना में रहेंगे। हमारी पार्टी के लोग लगातार संघर्षशील हैं। बहुत से बहुत हम सत्ता खो देंगे लेकिन हम लड़ते रहेंगे।
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मुबई में शिवसेना ने लगाए पोस्टर
वहीं मुंबई में शिवसेना नेता संजय राउत के आवास के बाहर एक पोस्टर लगाया गया है जिसमें लिखा है- 'तेरा घमंड तो चार दिन का है पगले, हमारी बादशाही तो खानदानी है।' वहीं महाराष्ट्र में सियासी संकट और उद्धव सरकार में मंत्री एकनाथ शिंदे की बगावत के बीच शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' में भाजपा पर हमला बोला है। शिवसेना ने सामना में लिखा, महाराष्ट्र की सरकार को गिराने के लिए भाजपा वाले एक भी मौका नहीं छोड़ते हैं। ढाई वर्ष पूर्व अजीत पवार प्रकरण शुरू हुआ था। उसमें सफलता नहीं मिली। अब वही बेचैन आत्माएं एकनाथ शिंदे की गर्दन पर बैठकर ऑपरेशन कमल कर रही हैं।
शिवसेना को अस्थिर करना ही इनकी नीति
सामना में शिवसेना ने लिखा, मुंबई पर कब्जा करना है तो शिवसेना को अस्थिर करो यही महाराष्ट्र द्रोहियों की नीति है, लेकिन महाराष्ट्र सयानों का राज्य है। सयानेपन में महाराष्ट्र अन्य राज्यों से दो कदम आगे रहता है। भाजपा पर आरोप लगाते हुए सामना में लिखा गया कि विधानापरिषद चुनाव के बाद शिवसेना के दस विधायकों को उठाकर गुजरात ले जाया गया। उन्होंने भागने का प्रयास किया तो उन्हें मारा-पीटा गया।
महाराष्ट्र में तलवार से तलवार भिड़ेगी
शिवसेना ने कहा, महाराष्ट्र पर वार करने वाले, महाराष्ट्र से बेईमानी करने वालों का क्या होगा? फितूर का बीज बोने वालों का क्या होगा? धर्म के मुखौटे के नीचे अधर्म का साथ देने वालों को जनता माफ करेगी क्या? ये ज्वलंत सवाल है। संकटों और तूफानों से सामना करने की शिवसेना की आदत है। गुजरात की भूमि पर फड़फड़ाने वाले ये इतिहास एक बार फिर समझ लो कि गुजरात में ये मंडली जरूर डांडिया खेले लेकिन महाराष्ट्र में तलवार से तलवार भिड़ेगी, ये निश्चित है।