महाराष्ट्र: कोरोना काल में ऑटो चालकों को राहत, 107 करोड़ के आर्थिक पैकेज की सरकार ने की घोषणा
राज्य सरकार ने यहां के ऑटो रिक्शा चालकों के लिए 107 करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। बता दें, प्रदेश में सरकार की तरफ से चलाए जा रहे ब्रेक द चेन अभियान के तहत 15 दिनों के लिए सात लाख 15 हजार रिक्शा चालकों को 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
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देशभर में कोरोना महामारी और फिर ऊपर से लॉकडाउन व कर्फ्यू लागू रहने के कारण कई क्षेत्र के लोगों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। इसी संकट से जूझ रहे महाराष्ट्र के ऑटो रिक्शा चालकों के लिए सरकार ने मंगलवार को अहम फैसला लिया है। दरअसल, राज्य सरकार ने यहां के ऑटो रिक्शा चालकों के लिए 107 करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। बता दें, प्रदेश में सरकार की तरफ से चलाए जा रहे ब्रेक द चेन अभियान के तहत 15 दिनों के लिए सात लाख 15 हजार रिक्शा चालकों को 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
#Maharashtra govt announces Rs 107-cr package for state's 7.15 lakh autorickshaw drivers; each of them will get Rs 1,500 as relief: officials
— Press Trust of India (@PTI_News) April 20, 2021विज्ञापन
ऑटो चालकों को आय की हानि से बचाने के लिए लिया गया फैसला
आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्य सरकार और ऑटो रिक्शा यूनियनों के नेताओं के बीच बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया। विज्ञप्ति में यह भी बताया गया है कि 15 दिनों के अभियान के दौरान ऑटो चालकों को आय की हानि से बचाने के लिए उनके आधार से लिंक किए गए बैंक खातों में रुपये ऑनलाइन भेजे जाएंगे। इसके लिए एक सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिसमें ड्राइवरों के लाइसेंस और वाहन संख्या आदि का विवरण होगा।
ब्रेक द चेन अभियान
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि पर अंकुश लगाने के लिए सरकार 14 अप्रैल से एक मई के बीच ब्रेक द चेन नाम से एक अभियान चला रही है। 15 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के तहत राज्य में कुछ नए नियम लागू किए गए हैं। नए नियमों के अनुसार राज्य में 14 अप्रैल की रात आठ बजे से धारा 144 लागू है। इस दौरान जरूरी सेवाओं को छोड़ कर सभी सेवाओं पर रोक है। दफ्तर व दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं और लोगों के घरों से बाहर निकलने पर भी रोक है।
जरूरी सेवाएं भी सिर्फ सुबह सात से रात आठ बजे तक चालू रखने को कहा गया है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट सीमित रूप से चलता रहेगा, लेकिन आम लोग लोकल ट्रेनों और बसों में सफर नहीं कर सकते हैं। पुलिस, पानी सप्लाई और महानगरपालिका के कर्मचारी ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए भी ये सेवाएं चालू रहेंगी। बैंक खुल रहेंगे और ई-कॉमर्स सेवाएं भी बंद नहीं होंगी। पाबंदियों के दौरान मीडिया कवरेज को पूरी छूट होगी। होटल और रेस्टोरेंट बंद रहेंगे। हालांकि, लोग घर बैठे सामान ऑर्डर कर सकते हैं।