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पेपर लीक माफिया पर लगेगा मकोका: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा दांव, क्या अब ऑनलाइन होंगी सरकारी परीक्षाएं?
Mon, 29 Jun 2026 07:20 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई।
Published by: राकेश कुमार
Updated Mon, 29 Jun 2026 07:20 PM IST
सार
क्या मकोका जैसी सख्त कार्रवाई और एसआईटी की जांच से महाराष्ट्र में प्रश्नपत्र लीक करने वाले संगठित गिरोहों का पूरी तरह खात्मा हो पाएगा? विपक्ष के भारी हंगामे और स्कूल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के बीच सरकार ने परीक्षाओं को ऑनलाइन मोड में ले जाने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति बनाने का फैसला लिया है।
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महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
शिक्षक पात्रता परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर चौतरफा घिरी महाराष्ट्र सरकार ने विधानसभा में एक बड़ा बयान दिया है। सरकार इस मामले के आरोपियों के खिलाफ कड़े और सख्त संगठित अपराध विरोधी कानून मकोका को लागू करने की संभावना पर विचार कर रही है। पिछले हफ्ते हुए इस पेपर लीक के बाद विपक्ष लगातार स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे के इस्तीफे की मांग कर रहा है, जिसके बीच सरकार ने यह बात कही है।
मुंबई में चल रहे विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने कहा कि इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वे फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। पूरे मामले की गहराई से जांच करने के लिए एक विशेष जांच दल ( एसआईटी) का गठन किया गया है।
क्या मकोका से टूटेगी नकल माफिया की कमर?
निचले सदन में टीईटी पेपर लीक पर कड़ा रुख अपनाते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा, '28 जून को होने वाली परीक्षा के पेपर लीक मामले में अगर कोई भी दोषी पाया जाता है, तो उन सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सरकार इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन आरोपियों के खिलाफ मकोका लगाया जा सकता है।'
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क्या है मकोका?
मकोका (महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट) एक बेहद कड़ा कानून है, जो संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़े लोगों पर लगाया जाता है। इसके लागू होने के बाद आरोपियों के लिए जमानत हासिल करना काफी मुश्किल हो जाता है। इसके साथ ही पुलिस को अदालत में चार्जशीट दाखिल करने के लिए भी अतिरिक्त समय मिल जाता है।
यह भी पढ़ें: क्या TET पर घिरेगी सरकार?: परीक्षा रद्द होने पर बोली कांग्रेस- ये 'भविष्य की चोरी'; राहुल युवाओं से क्या बोले?
कैसे जाल बिछाकर पकड़े गए आरोपी?
शिक्षा मंत्री ने सदन को बताया कि पुलिस ने पूरी मुस्तैदी के साथ जाल बिछाकर उन आरोपियों को पकड़ा, जो टीईटी का प्रश्नपत्र बेचने की कोशिश कर रहे थे। 28 जून को होने वाली परीक्षा का एक प्रश्नपत्र सेट परीक्षा से ठीक एक दिन पहले, यानी 27 जून को ही पुलिस ने उनके पास से बरामद कर लिया था। इस संबंध में अहिल्यानगर जिले के कोलगांव पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
यह मामला महाराष्ट्र विश्वविद्यालय, बोर्ड और अन्य निर्दिष्ट परीक्षा कदाचार रोकथाम अधिनियम, 1982 की धारा छह और आठ के तहत दर्ज किया गया है। इन आरोपियों पर अवैध रूप से प्रश्नपत्र हासिल करने, परीक्षार्थियों से मोटी रकम वसूलने और उसे बांटने के लिए अपने पास रखने के गंभीर आरोप हैं। इस रैकेट के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हैं, जिसकी जांच के लिए पुलिस की दो टीमें बिहार और एक-एक टीम हरियाणा और दिल्ली भेजी गई हैं।
महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले की पांच बड़ी बातें
क्या अब ऑनलाइन मोड में होंगी परीक्षाएं?
बार-बार होने वाले पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार अब परीक्षा प्रणाली को बदलने पर विचार कर रही है। शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने घोषणा की है कि भविष्य में टीईटी और अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं को ऑनलाइन (कंप्यूटर आधारित) मोड में आयोजित करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक विशेष समिति बनाई जाएगी। यह समिति इस व्यवस्था को लागू करने के तौर-तरीकों को तय करेगी।
गौरतलब है कि ठाणे जिले में पुलिस द्वारा प्रश्नपत्र का एक हिस्सा लीक होने का पता लगाने और तीन लोगों को गिरफ्तार करने के बाद शनिवार को ही टीईटी 2026 परीक्षा को स्थगित कर दिया गया था, जो कि रविवार को आयोजित होने वाली थी।
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मुंबई में चल रहे विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने कहा कि इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वे फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। पूरे मामले की गहराई से जांच करने के लिए एक विशेष जांच दल ( एसआईटी) का गठन किया गया है।
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क्या मकोका से टूटेगी नकल माफिया की कमर?
निचले सदन में टीईटी पेपर लीक पर कड़ा रुख अपनाते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा, '28 जून को होने वाली परीक्षा के पेपर लीक मामले में अगर कोई भी दोषी पाया जाता है, तो उन सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सरकार इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन आरोपियों के खिलाफ मकोका लगाया जा सकता है।'
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क्या है मकोका?
मकोका (महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट) एक बेहद कड़ा कानून है, जो संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़े लोगों पर लगाया जाता है। इसके लागू होने के बाद आरोपियों के लिए जमानत हासिल करना काफी मुश्किल हो जाता है। इसके साथ ही पुलिस को अदालत में चार्जशीट दाखिल करने के लिए भी अतिरिक्त समय मिल जाता है।
यह भी पढ़ें: क्या TET पर घिरेगी सरकार?: परीक्षा रद्द होने पर बोली कांग्रेस- ये 'भविष्य की चोरी'; राहुल युवाओं से क्या बोले?
कैसे जाल बिछाकर पकड़े गए आरोपी?
शिक्षा मंत्री ने सदन को बताया कि पुलिस ने पूरी मुस्तैदी के साथ जाल बिछाकर उन आरोपियों को पकड़ा, जो टीईटी का प्रश्नपत्र बेचने की कोशिश कर रहे थे। 28 जून को होने वाली परीक्षा का एक प्रश्नपत्र सेट परीक्षा से ठीक एक दिन पहले, यानी 27 जून को ही पुलिस ने उनके पास से बरामद कर लिया था। इस संबंध में अहिल्यानगर जिले के कोलगांव पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
यह मामला महाराष्ट्र विश्वविद्यालय, बोर्ड और अन्य निर्दिष्ट परीक्षा कदाचार रोकथाम अधिनियम, 1982 की धारा छह और आठ के तहत दर्ज किया गया है। इन आरोपियों पर अवैध रूप से प्रश्नपत्र हासिल करने, परीक्षार्थियों से मोटी रकम वसूलने और उसे बांटने के लिए अपने पास रखने के गंभीर आरोप हैं। इस रैकेट के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हैं, जिसकी जांच के लिए पुलिस की दो टीमें बिहार और एक-एक टीम हरियाणा और दिल्ली भेजी गई हैं।
महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले की पांच बड़ी बातें
- टीईटी पेपर लीक के आरोपियों के खिलाफ सख्त मकोका कानून लागू करने की संभावना पर कानूनी विचार-विमर्श शुरू।
- पेपर लीक मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित, अब तक तीन मुख्य आरोपी पुलिस की हिरासत में।
- फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए महाराष्ट्र पुलिस की टीमें बिहार, दिल्ली और हरियाणा के लिए की गई रवाना।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन।
- राज्य की आगामी टीईटी और अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं को ऑनलाइन (कंप्यूटर आधारित) मोड में कराने की तैयारी।
क्या अब ऑनलाइन मोड में होंगी परीक्षाएं?
बार-बार होने वाले पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार अब परीक्षा प्रणाली को बदलने पर विचार कर रही है। शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने घोषणा की है कि भविष्य में टीईटी और अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं को ऑनलाइन (कंप्यूटर आधारित) मोड में आयोजित करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक विशेष समिति बनाई जाएगी। यह समिति इस व्यवस्था को लागू करने के तौर-तरीकों को तय करेगी।
गौरतलब है कि ठाणे जिले में पुलिस द्वारा प्रश्नपत्र का एक हिस्सा लीक होने का पता लगाने और तीन लोगों को गिरफ्तार करने के बाद शनिवार को ही टीईटी 2026 परीक्षा को स्थगित कर दिया गया था, जो कि रविवार को आयोजित होने वाली थी।