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भारत में हुआ एशिया का सबसे दुर्लभ ऑपरेशन, लड़की को लगाए लड़के के हाथ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 29 Sep 2017 12:01 PM IST
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श्रेया सिद्दागौड़ा।
- फोटो : फेसबुक
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महाराष्ट्र के पुणे में एक 19 साल की लड़की को जैसे नई जिंदगी मिल गई है। उस लड़की ने दोनों हाथ एक एक्सीडेंट में गंवा दिए थे। अब उसको एक लड़के के डोनेट किए हुए आर्म (कोहनी के नीचे के हाथ) लगाए गए हैं जिससे आने वाले दिनों में लड़की खुद अपने काम कर पाएगी।
जिस लड़की की यहां बात हो रही है उसका नाम श्रेया है। 19 साल की श्रेया ने एक बस एक्सीडेंट में अपने दोनों हाथ गंवा दिए थे। यह हादसा पिछले साल हुआ था। हादसे के बाद श्रेया को कॉलेज भी छोड़ना पड़ गया था।
यह भी पढ़ें: ...तो ऐसे प्राइवेट अस्पतालों में बनते हैं लंबे चौड़ें बिल, ये हैं कारण
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श्रेया के पिता टाटा मोटर्स में सीनियर मैनेजर हैं। उन्होंने इस सबको एक चमत्कार जैसा बताया। परिवार को उम्मीद है कि अब श्रेया अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर पाएगी।
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जिस लड़की की यहां बात हो रही है उसका नाम श्रेया है। 19 साल की श्रेया ने एक बस एक्सीडेंट में अपने दोनों हाथ गंवा दिए थे। यह हादसा पिछले साल हुआ था। हादसे के बाद श्रेया को कॉलेज भी छोड़ना पड़ गया था।
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श्रेया के पिता टाटा मोटर्स में सीनियर मैनेजर हैं। उन्होंने इस सबको एक चमत्कार जैसा बताया। परिवार को उम्मीद है कि अब श्रेया अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर पाएगी।
किसके हाथ लगाए गए?
प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : अमर उजाला
श्रेया को सचिन नाम के लड़के के आर्म लगाए गए हैं। 20 साल के सचिन की एक बाइक एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। जिसके बाद उसके परिवार वालों ने ऑर्गन दान करने का मन बनाया। हालांकि, सचिन की मां इस बात के लिए राजी नहीं थीं।
ऑपरेशन के बाद इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए श्रेया ने बताया अगर आपके पास बहुत वक्त तक हाथ ना रहें तो नए हाथों का बोझ उठाना काफी भारी सा लगता है। लेकिन मेरे लिए यह ढेर सारी खुशी वाला पल है।
श्रेया का ऑपरेशन कोच्ची के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस ने किया। 13 घंटे के इस ऑपरेशन को 20 सर्जन और 16 अन्य लोगों की टीम ने किया। यह एशिया का पहला ऐसा अपर आर्म ट्रांसप्लांट है जिसमें लड़की को लड़के के हाथ लगे हैं।
ऑपरेशन के बाद इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए श्रेया ने बताया अगर आपके पास बहुत वक्त तक हाथ ना रहें तो नए हाथों का बोझ उठाना काफी भारी सा लगता है। लेकिन मेरे लिए यह ढेर सारी खुशी वाला पल है।
श्रेया का ऑपरेशन कोच्ची के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस ने किया। 13 घंटे के इस ऑपरेशन को 20 सर्जन और 16 अन्य लोगों की टीम ने किया। यह एशिया का पहला ऐसा अपर आर्म ट्रांसप्लांट है जिसमें लड़की को लड़के के हाथ लगे हैं।