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DGP ने कहा, बीफ की सूचना मिलने पर गौरक्षक खुद न मारें छापा
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 09 Sep 2016 05:32 PM IST
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महाराष्ट्र पुलिस
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इद-उल-जुहा (बकरीद) से पहले महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह सुनिश्चित करे कि इस दौरान गौरक्षक स्वत: संज्ञान में लेते हुए कोई छापा न मारें। इसके लिए विभाग में बकायदा नोटिफिकेशन जारी किया गया है।
पुलिस महानिदेशक ने सर्कुलर जारी करते हुए कहा, गौरक्षकों को बीफ के ट्रांसपोर्ट होने या बछड़ों के काटे जाने की सूचना मिले तो वह इसकी जानकारी क्षेत्रीय पुलिस स्टेशन को दें। वह खुद इस पर कोई कदम न उठाएं। जानकारी मिलने पर वहां तैनात अधिकारी इस पर उचित कार्रवाई करेंगे।
दो पेज के इस जारी किए गए सर्कुलर में यह निश्चित किया गया है कि केवल बकरियों का ही ट्रांसपोर्ट किया जाएगा। वहीं गाय-गोरू समान जानवरों का ट्रांसपोर्ट करने पर यह जुर्म की श्रेणी में आएगा और महाराष्ट्र एनिमल प्रिजर्वेशन (अमेंडमेंट) एक्ट 2015 के अंतर्गत आएगा।
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पुलिस महानिदेशक ने सर्कुलर जारी करते हुए कहा, गौरक्षकों को बीफ के ट्रांसपोर्ट होने या बछड़ों के काटे जाने की सूचना मिले तो वह इसकी जानकारी क्षेत्रीय पुलिस स्टेशन को दें। वह खुद इस पर कोई कदम न उठाएं। जानकारी मिलने पर वहां तैनात अधिकारी इस पर उचित कार्रवाई करेंगे।
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दो पेज के इस जारी किए गए सर्कुलर में यह निश्चित किया गया है कि केवल बकरियों का ही ट्रांसपोर्ट किया जाएगा। वहीं गाय-गोरू समान जानवरों का ट्रांसपोर्ट करने पर यह जुर्म की श्रेणी में आएगा और महाराष्ट्र एनिमल प्रिजर्वेशन (अमेंडमेंट) एक्ट 2015 के अंतर्गत आएगा।
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भाजपा सरकार ने कानून में किया था संसोधन
महाराष्ट्र पुलिस
बताते चलें कि भाजपा शासित राज्य सरकार ने 4 मार्च 2015 को कानून में संशोधन को किया था। इसके अंतर्गत किसी को बीफ खाते या बेचते पकड़ा जाता है तो उसे पांच साल की जेल हो सकती है। साथ ही जुर्माने का प्रावधान है।
पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, कई बार गौरक्षकों की छापेमारी से जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पहले इस तरह की बहुत सी शिकायतें आ चुकी हैं। इसलिए नए कानून के तहत सर्कुलर जारी किया गया है। इसमें यह भी विस्तार से बताया गया है कि बकरीद के मौके पर और उससे पहले क्या करें और क्या न करें।
पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, कई बार गौरक्षकों की छापेमारी से जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पहले इस तरह की बहुत सी शिकायतें आ चुकी हैं। इसलिए नए कानून के तहत सर्कुलर जारी किया गया है। इसमें यह भी विस्तार से बताया गया है कि बकरीद के मौके पर और उससे पहले क्या करें और क्या न करें।