फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   maharashtra chhagan bhujbal attack sharad pawar claim mva boycotted quota meet after call from baramati

Maharashtra: 'बारामती से फोन आने के बाद आरक्षण की बैठक में नहीं आए एमवीए नेता', भुजबल का शरद पवार पर हमला

Sun, 14 Jul 2024 06:50 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: नितिन गौतम Updated Sun, 14 Jul 2024 06:50 PM IST
सार

भुजबल ने बताया कि उन्होंने नेता विपक्ष विजय वडेट्टिवार और एनसीपी एसपी के नेता जितेंद्र अव्हाण को बैठक में आने के लिए कहा था और अव्हाण को शरद पवार को भी बैठक में लाने को कहा था। 

विज्ञापन
maharashtra chhagan bhujbal attack sharad pawar claim mva boycotted quota meet after call from baramati
छगन भुजबल - फोटो : एएनआई

विस्तार

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री छगन भुजबल ने रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान एनसीपी एसपी चीफ शरद पवार पर तीखा हमला बोला। भुजबल ने दावा किया कि आरक्षण को लेकर होने वाली बैठक में महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के नेता इसलिए नहीं आए थे, क्योंकि उन्हें बारामती से फोन आ गया था। बता दें कि बारामती लोकसभा सीट शरद पवार का गढ़ मानी जाती है। ऐसे में छगन भुजबल के बयान को शरद पवार पर हमला माना जा रहा है। 
विज्ञापन


भुजबल का आरोप- जानबूझकर बैठक का एमवीए ने किया बहिष्कार
एनसीपी प्रमुख अजित पवार के साथ बारामती में एक रैली को संबोधित करते हुए छगन भुजबल ने कहा कि 'जब सामाजिक मुद्दों की बात आती है तो शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता से उम्मीद की जाती है कि वह बैठक में शामिल होंगे और अपने सुझाव देंगे। लेकिन जानबूझकर बैठक का बहिष्कार करना और फिर सलाह देने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है।' दरअसल बीती 9 जुलाई को सीएम एकनाथ शिंदे ने मराठा आरक्षण के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। भुजबल ने बताया कि उन्होंने नेता विपक्ष विजय वडेट्टिवार और एनसीपी एसपी के नेता जितेंद्र अव्हाण को बैठक में आने के लिए कहा था और अव्हाण को शरद पवार को भी बैठक में लाने को कहा था। 
विज्ञापन


सत्ता पक्ष का आरोप- अपने राजनीतिक फायदे के लिए जातीय तनाव बढ़ा रहा विपक्ष
भुजबल ने आरोप लगाया कि विपक्ष मराठा, धनगर और ओबीसी समुदाय के हितों की अनदेखी कर रहा है। भुजबल के अनुसार, 'बारामती के मराठा, माली, धनगर और ओबीसी समुदाय ने भले ही किसी को वोट दिया हो, लेकिन आप हमसे नाराज हो सकते हैं, लेकिन लोगों को अधर में छोड़ना गलत है। क्या लोगों के हितों की रक्षा करना आपकी जिम्मेदारी नहीं है।' मराठा आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष द्वारा सर्वदलीय बैठक का बायकॉट करने पर विधानसभा में खूब हंगामा हुआ और सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर अपने फायदे के लिए राज्य में जातीय तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया। सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष आरक्षण मुद्दे का हल निकालने के लिए गंभीर नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed