जम्मू-कश्मीर के लिए नियुक्त विशेष केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने की चुनाव आयुक्त से मुलाकात
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विशेष पर्यवेक्षकों से अनुरोध किया गया था कि वे जल्द से जल्द राज्य का दौरा कर सकते हैं। अशोक लवासा और सुशील चंद्रा ने भी लगभग 2 घंटे तक चले सत्र के दौरान उन्हें कई जानकारियां दीं। उप चुनाव आयुक्त संदीप सक्सेना ने उन्हें जम्मू-कश्मीर में चुनाव की तैयारियों के बारे में बताया और राज्य के बारे में अन्य जानकारी दी। आयोग ने उनके साथ उनकी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के बारे में चर्चा की।
एएस गिल को कठिन क्षेत्रों में सुरक्षा प्रबंधन के क्षेत्र में व्यापक अनुभव है। वह 1995-97 के बीच जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ के आईजी थे और बाद में महानिदेशक (सीआरपीएफ) बने। भारत सरकार के पूर्व सचिव डॉ. नूर मोहम्मद ने चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उप चुनाव आयुक्त, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ और अफगानिस्तान में कई वर्षों तक चुनाव में सलाहकार के रूप में काम किया है। विनोद जुत्शी केंद्र सरकार में पूर्व सचिव रहे हैं। वह राज्य स्तर पर सीईओ रह चुके हैं। उप चुनाव आयुक्त के रूप में पांच साल से अधिक समय तक चुनाव में एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव रखते हैं।