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हरियाणा: सभी नेताओं को एक ही बस में बैठाकर घुमाने का फार्मूला कांग्रेस के काम आएगा! 

Mon, 18 Mar 2019 10:01 PM IST
अमित मंडल डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमित मंडल Updated Mon, 18 Mar 2019 10:01 PM IST
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Lok Sabha Elections 2019: Congress Party  prepared new formula for winning elections in Haryana
भूपेंद्र सिंह हुड्डा

कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा में लोकसभा चुनाव जीतने के लिए एक नया फार्मूला तैयार किया है। अलग-अलग धड़ों में विभाजित कांग्रेस नेताओं को अब एक ही बस में बैठाकर प्रदेश में घुमाया जाएगा। कांग्रेस पार्टी ऐसा कर लोगों को यह संदेश देगी कि प्रदेश कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है। 

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साथ ही पिछले सप्ताह कांग्रेस हाईकमान ने कोऑर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन और सदस्यों की वह सूची, जिसे जारी करने के एक घंटे के भीतर वापस ले लिया था, सोमवार को उसे दोबारा से जारी कर दिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कोऑर्डिनेशन कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है।
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कांग्रेस पार्टी के हरियाणा मामलों के प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने एक प्रेसवार्ता में यह जानकारी देते हुए कहा, पिछले सप्ताह जारी की गई कोऑर्डिनेशन कमेटी की सूची में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कमेटी के अन्य 15 सदस्यों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर, किरण चौधरी, कुमारी शैलजा, रणदीप सुरजेवाला, कुलदीप बिश्नोई, महेंद्र प्रताप सिंह, कैप्टन अजय सिंह यादव, दीपेंद्र हुड्डा, नवीन जिंदल, कैलाशो सैनी, अनिल ठक्कर, कुलदीप शर्मा, जयवीर सिंह बाल्मीकी और सरदार जयपाल सिंह लाली शामिल हैं। 
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आजाद के मुताबिक, प्रदेश कांग्रेस के सभी नेताओं की एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए बस यात्रा निकाली जाएगी। कांग्रेस पार्टी ने इससे पहले कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी यह फार्मूला लागू किया था। जब सभी नेता एक ही बस में जाते हैं तो वे अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन जब वे बस से नीचे उतरते हैं तो एक होते हैं। प्रदेश कांग्रेस के सभी नेता जब एक बस में सवार होकर लोगों के बीच पहुंचेंगे तो जनता उनकी बात को ज्यादा ध्यान से सुनेगी। 

मीडिया में यह प्रचारित किया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी में भयंकर गुटबाजी है। बस यात्रा से ऐसी गलत खबरों के प्रचार पर विराम लगेगा। पिछले शुक्रवार को जारी समन्वय समिति की सूची को वापस लेने बाबत गुलाम नबी आजाद ने कहा, इसके पीछे कोई बड़ा कारण नहीं था। हम चाहते थे कि चुनाव से जुड़ी सारी समितियां एक साथ बनाई जाएं। इस प्रक्रिया में समय लगता है। एक अन्य कारण यह भी था कि समिति के गठन में पर्याप्त विचार-विमर्श नहीं हो पाया था। अभी कई और समितियों का गठन किया जा रहा है। जिन नेताओं का नाम कोऑर्डिनेशन कमेटी में नहीं शामिल है, उन्हें दूसरी कमेटियों में जगह दी जा रही है।

कोऑर्डिनेशन कमेटी की सूची ने मचा दिया था बवाल 

कांग्रेस पार्टी ने गत शुक्रवार शाम चार बजे कोऑर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन और सदस्यों की सूची जारी की थी। जैसे ही यह सूची मीडिया में आई तो कांग्रेस पार्टी की प्रदेश इकाई में बवाल मच गया। नतीजा, करीब एक घंटे बाद यानी साढ़े पांच बजे कांग्रेस पार्टी की ओर से यह सूची वापस ले ली गई। 

बता दें कि लंबे समय से भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अशोक तंवर के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। यहां तक कि दोनों नेता एक-दूसरे की रैलियों और दूसरे कार्यक्रमों में भी शामिल नहीं हो रहे थे। होर्डिंग्स और पोस्टरों में भी इन नेताओं की एकता दिखाई नहीं पड़ती। अशोक तंवर खेमा यह मानकर चल रहा था कि कोऑर्डिनेशन कमेटी की कमान उन्हें ही सौंपी जाएगी।

इस सूची की दूसरी खास बात यह रही कि इसमें हुड्डा खेमे के नेताओं को ही ज्यादा तरजीह मिली है। चूंकि प्रदेश में इस वक्त कांग्रेस कई धड़ों में विभाजित हो चुकी है। इनमें किरण चौधरी, अशोक तंवर और कैप्टन अजय यादव एक साथ चल रहे हैं तो दूसरी ओर कुमारी शैलजा का झुकाव भी इन्हीं नेताओं की तरफ है। 

कुलदीप बिश्नोई को अभी किसी गुट में नहीं बताया जा रहा, जबकि भूपेंद्र हुड्डा के पुत्र दीपेंद्र हुड्डा, नवीन जिंदल, कैलाशो सैनी, अनिल ठक्कर, कुलदीप शर्मा, जयवीर सिंह बाल्मीकी और सरदार जयपाल सिंह लाली, ये सभी हुड्डा खेमें में बताए जाते हैं। रणदीप सुरजेवाला, जिनका पहले हुड्डा की ओर झुकाव था, लेकिन अब वे राहुल गांधी के करीबी होने के कारण एक अलग लाइन पर चल रहे हैं।

ज्यादातर चेहरे लोकसभा टिकट के मजबूत दावेदार 

हिसार लोकसभा क्षेत्र के एक कांग्रेसी नेता का दावा है कि कोऑर्डिनेशन सूची पूरी तरह से हुड्डा खेमे का वर्चस्व बता रही है। इससे पार्टी में गुटबाजी बढ़ना तय है। दूसरा, इस सूची में शामिल आधे से ज्यादा तो ऐसे चेहरे हैं, जिन्हें लोकसभा चुनाव में टिकट मिलने की प्रबल संभावना है। इनमें अशोक तंवर, कुमारी शैलजा, रणदीप सुरजेवाला, कुलदीप बिश्नोई, महेंद्र प्रताप सिंह, कैप्टन अजय सिंह यादव, दीपेंद्र हुड्डा, नवीन जिंदल, कैलाशो सैनी, अनिल ठक्कर, कुलदीप शर्मा और जयवीर सिंह वाल्मीकि शामिल हैं। 

अशोक तंवर को सिरसा, दीपेंद्र हुड्डा को रोहतक, कुलदीप शर्मा करनाल, नवीन जिंदल और कैलाशो सैनी कुरुक्षेत्र, महेंद्र प्रताप सिंह फरीदाबाद, अनिल ठक्कर सोनीपत और कुमारी शैलजा को अंबाला सीट से टिकट मिलने की प्रबल संभावना है।कुलदीप बिश्नोई हिसार या भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।

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