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अमर उजाला पड़ताल: यूपी में भाजपा के 24 उम्मीदवारों की सूची जारी, सच या झूठ?
Sat, 09 Mar 2019 04:24 PM IST
अनिल पांडेय
चुनाव डेस्क, अमर उजाला
चुनाव डेस्क, अमर उजाला
Published by: अनिल पांडेय
Updated Sat, 09 Mar 2019 04:24 PM IST
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फेक न्यूज बनाम असली न्यूज
- फोटो : अमर उजाला
आज के डिजिटल और सोशल मीडिया युग में असली और फर्जी खबरों में अंतर करना बेहद मुश्किल हो गया है। ऐसे में पाठकों के लिए ये जानना जरूरी है कि कौन सी खबर असली है और कौन सी खबर फर्जी। सोशल मीडिया पर वायरल खबरों की पड़ताल कर पाठकों तक सच बात पहुंचाना बेहद जरूरी है। यूपी में भाजपा उम्मीदवारों की सूची जारी होने का मामला कुछ ऐसा ही है। अमर उजाला अपनी पड़ताल में बता रहा है कि ये खबर सही है या गलत।
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शुक्रवार से सोशल मीडिया में एक सूची वायरल हो रही है जिसमें उत्तर प्रदेश से भाजपा के 24 उम्मीदवारों का नाम शामिल हैं। इस सूची में अरुण जेटली का नाम भी शामिल है। सूची के उपर प्रेस रिलीज लिखा हुआ है और सबसे नीचे जेपी नड्डा का नाम लिखा हुआ है। इसे इस तरह दिखाया गया है कि नड्डा की ओर से ही सूची जारी की गई है।
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पड़ताल: अगर तर्कों के आधार पर देखें तो ये सूची सही नजर नहीं आती क्योंकि ये सूची ऐसे दिन आई जब दिल्ली में भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक चल रही थी। तो ऐसे में ये कैसे संभव है कि एक तरफ तो बैठक चल रही है और दूसरी तरफ उम्मीदवारों की सूची जारी हो जाए वो भी उस प्रदेश से जो भाजपा के लिए बेहद अहम है।
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इसकी तस्दीक भी जल्द हो गई जब भाजपा नेताओं की तरफ से बयान आ गए कि इस तरह की सूची पूरी तरह फर्जी है। केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने इस सूची को गलत करार दिया। वहीं, उत्तर प्रदेश भाजपा नेता विजय बहादुर पाठक ने भी कहा कि ये सूची फर्जी है। उन्होंने कहा कि जब चुनाव के संबंध में पार्टी की अहम बैठक होने ही जा रही है तो इस तरह की सूची भाजपा की तरफ से कैसे जारी हो सकती है। बताया गया कि उत्तर प्रदेश भाजपा इस संबंध में पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने जा रही है।
नतीजा: तमाम तर्कों और बयानों के आधार पर साफ तौर पर कहा जा सकता है कि ये सूची पूरी तरह फर्जी है।
बता दें कि इससे पहले बसपा ने 38 उम्मीदवारों की फर्जी सूची जारी होने के मामले में पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले में अभी तक आरोपियों तक नहीं पहुंचा जा सका है। ये सूची 13 जनवरी को जारी हुई थी।