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यहां दुविधा में 5000 मतदाता, अपने ही गांवों में दो अलग-अलग राज्यों के हैं वोटर
Sun, 07 Apr 2019 02:57 PM IST
अनिल पांडेय
न्यूज डेस्क, चंद्रनगर/आदिलाबाद
न्यूज डेस्क, चंद्रनगर/आदिलाबाद
Published by: अनिल पांडेय
Updated Sun, 07 Apr 2019 02:57 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
लोकसभा चुनाव का बिगुल बजते ही सभी राजनैतिक दल मतदाताओं को रिझाने में लगे हैं। लेकिन महाराष्ट्र की तेलंगाना से लगी सीमा पर स्थित 14 गांवों के लोग अभी भी असमंजस में हैं कि किस राज्य में वोट दें। दरअसल इन 14 गांवों के 5000 मतदाताओं के नाम दोनों राज्यों के मतदाता सूची में दर्ज है।
16वीं लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की चंद्रनगर और तेलंगाना की आदिलाबाद सीट पर चुनाव अलग-अलग चरणों में थे। दोनों लोकसभा सीट पास होने के कारण कई लोग ऐसे भी थे जिन्होंने दोनों जगहों पर मतदान किया था। लेकिन, इस बार इन दोनों सीटों पर चुनाव एक ही चरण में होना है इसलिए शायद 17वीं लोकसभा चुनाव में लोग दो जगहों पर वोटिंग नहीं कर पाएंगे।
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सुनवाई के बाद उच्चतम न्यायालय ने 17 सितंबर 1997 को आदेश दिया कि ये 14 गांव महाराष्ट्र के ही माने जाएंगे। हालांकि इसके बाद भी इस विवाद का पूरे तरीके से समाधान नहीं हो पाया और कई प्रकार से यह विवाद अब भी जारी है।
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16वीं लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की चंद्रनगर और तेलंगाना की आदिलाबाद सीट पर चुनाव अलग-अलग चरणों में थे। दोनों लोकसभा सीट पास होने के कारण कई लोग ऐसे भी थे जिन्होंने दोनों जगहों पर मतदान किया था। लेकिन, इस बार इन दोनों सीटों पर चुनाव एक ही चरण में होना है इसलिए शायद 17वीं लोकसभा चुनाव में लोग दो जगहों पर वोटिंग नहीं कर पाएंगे।
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यह है वजह
साल 1962 में भाषाई आधार पर राज्यों के बीच सीमा निर्धारित की गई। चूंकि ये 14 गांव मराठी बोलने वाले लोगों के थे इसलिए इसे महाराष्ट्र में शामिल किया गया। लेकिन, तत्कालीन आंध्र प्रदेश ने भी इन राज्यों पर अपना दावा नहीं छोड़ा। विवाद बढ़ने पर यह मामला 1996 में हैदराबाद हाईकोर्ट में गया। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार इसे उच्चतम न्यायालय ले गई।
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सुनवाई के बाद उच्चतम न्यायालय ने 17 सितंबर 1997 को आदेश दिया कि ये 14 गांव महाराष्ट्र के ही माने जाएंगे। हालांकि इसके बाद भी इस विवाद का पूरे तरीके से समाधान नहीं हो पाया और कई प्रकार से यह विवाद अब भी जारी है।
इन गांवों में वोट कराने पर अड़े दोनों राज्य
VOTE
जानकारी के अनुसार इन गांवों में दोनों राज्यों के अधिकारी दौरा कर लोगों से मतदान करने की अपील कर रहे हैं। इन गावों में दो-दो स्कूल बने हैं। एक को महाराष्ट्र सरकार ने बनाया है तो दूसरे को तत्कालीन आंध्र प्रदेश सरकार ने। आंध्र के बटवारें के बाद यह हिस्सा तेलंगाना को मिला है। इस कारण तेलंगाना सरकार भी अपने बनाए गए स्कूलों में पोलिंग स्टेशन बनाने की तैयारी कर रही है जहां लोग मतदान करेंगे। हालांकि महाराष्ट्र सरकार भी यहां मतदान की व्यवस्था कर रही है।
आपके लिए क्यों जरूरी है जानना
दो राज्यों की मतदाता सूची में नाम होना और दो जगह मतदान करना गैर-कानूनी है। इन्हें रोकने के लिए कई स्तरों पर प्रयास भी किया जा रहा है। यह जानकारी सामने आने के बाद चुनाव आयोग भी सक्रिय हो गया है। अगर आप इस न्यूज से संबंधित कुछ और जानना चाहते हैं तो हमको बताएं, हम वो खबरें भी आपके सामने रखेंगे।कृपया हमारी खबरों पर अपना फीडबैक नीचे कमेंट सेक्शन में जरूर दें और बताएं कि चुनाव से जुड़ी कौन सी खबर आप पढ़ना चाहते हैं। हम आपके फीडबैक के अनुसार खबरों को प्रस्तुत करेंगे।