Lok Sabha Election: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 400 पार के दावे को गलत साबित करने की क्या है विपक्ष की रणनीति
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश एनडीए के 400 पार करने का दावा कर रहे हैं? आखिर कैसे पार पाएंगे मंहगाई, बेरोजगारी जैसे जमीनी मुद्दे से? इलेक्टोरल बांड के भ्रष्टाचार से? समाजवादी पार्टी के संजय लाठर ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में सभी दावों की कलई खुलने वाली है। जवाब में भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय कहते हैं कि भाजपा के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, जो अजेय हैं और विपक्ष पस्त है। एनडीए केंद्र में तीसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जीत के प्रति आत्मविश्वास देखने लायक है। चुनाव की तारीखों की घोषणा के ठीक एक दिन बाद प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों से कहा कि उनके नेतृत्व में भावी सरकार बनने की निश्चित संभावना देखते हुए वह (मंत्री) अपने विभाग की कार्य योजना तैयार करें। उन्होंने आंध्र प्रदेश में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि तीसरे कार्यकाल में केंद्र सरकार और बड़े फैसले लेगी। प्रधानमंत्री का आत्मविश्वास देखने लायक है। वह एनडीए के 400 के पार जाने का नारा दे रहे हैं।
राजा की आत्मा ईवीएम, ईडी, सीबीआई में है - राहुल
राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा के मुंबई में समापन पर प्रधानमंत्री पर जोरदार हमला बोलकर 2024 का चुनावी एजेंडा सेट किया। उन्होंने कहा कि राजा की आत्मा ईवीएम, ईडी, सीबीआई में है। प्रधानमंत्री मोदी की छाती 56 इंच की नहीं है और वे मुझसे डरते हैं। कांग्रेस के नेता कहते हैं कि आखिर कैसे एनडीए जाएगा 400 के पार? गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल, दिल्ली, उत्तराखंड लोकसभा की सभी सीटें उसके पास थीं। बिहार, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में भाजपा और एनडीए की एकाध सीट छोड़कर सब मिली थीं। भाजपा 303 और एनडीए को 351 सीटें मिली थीं। 13 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में एनडीए का क्लीन स्वीप हुआ था। पूर्व केंद्रीय मंत्री कहते हैं कि बताएं तो? कैसे वह जाएंगे 400 के पार? भाजपा की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय कहते हैं कि कांग्रेस और विपक्ष के नेताओं को चिंता नहीं करनी चाहिए। 2024 में एनडीए 2019 से अच्छा प्रदर्शन करने जा रहा है।
उत्तर और दक्षिण भारत में भाजपा का चुनावी गणित
भाजपा के अमित मालवीय कहते हैं कि 2024 में 320-350 सीटें आती दिखाई दे रही हैं। दक्षिम भारत (आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु) में भाजपा 40-50 सीटें जीत सकती है। इसके पूरे आसार हैं। वह पश्चिम बंगाल में भाजपा को लोकसभा चुनाव में सबसे अधिक सीटें मिलने वाली पार्टी बता रहे हैं। उत्तर प्रदेश में भाजपा इस बार 70 के पार जाने वाली है, तो बिहार में कसर नहीं छोड़ेगी। 32-35 सीटें एनडीए को मिलने की संभावना है। अमित मालवीय का यह आकलन सही हुआ, तो भाजपा के 320 क्या 370 के लक्ष्य को पाने में बड़ी मुश्किल नहीं होनी चाहिए। हालांकि बिहार से आने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री कहते हैं कि उनके गृह राज्य में भाजपा और सहयोगी दल 28-30 सीटें जरूर जीत लेंगे। पश्चिम बंगाल में 14-15 और महाराष्ट्र में 32-35 सीटें एनडीए के पाले में आएंगी। उत्तर प्रदेश में 65-70 में कोई संदेह नहीं है। पूर्व मंत्री का कहना है कि 10 साल सरकार में रह चुके हैं। थोड़ी-बहुत सरकार विरोधी लहर रहती है, लेकिन विपक्ष पस्त है और तीसरी बार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत की सरकार बननी तय है।
दिन में सपने देखने का हक सबको है, प्रधानमंत्री जी भी देख लें: कांग्रेस
कांग्रेस के पार्टी के पूर्व केंद्रीय मंत्री कहते हैं कि प्रधानमंत्री ने 400 पार का नारा दिया है। दिन में स्वप्न देखने का सबको हक है। प्रधानमंत्री भी देख लें। वैसे उन्हें इस बार जनता सबक सिखाने वाली है। मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। 81 साल के खरगे के सामने इस समय खुद को साबित करने की सबसे बड़ी चुनौती है। उन्हें पता है कि कांग्रेस 2024 में लोकसभा की 100 सीट पार कर पाई, तो वह एतिहासिक अध्यक्षों में गिने जाएंगे। क्योंकि इस समय पार्टी को लोकसभा चुनाव का प्रत्याशी चुनने में पूरे देश में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। कांग्रेस के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल इन दिनों काफी व्यस्त हैं। वह केरल और दक्षिण भारत में सब कुछ उम्दा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वेणुगोपाल कहते हैं कि हम मिलकर लड़ेंगे और जीतकर सरकार बनाएंगे। शायद वेणुगोपाल भी जानते हैं कि मिलकर लड़ना और तालमेल के साथ चुनाव का सामना करना ही सबसे बड़ी चुनौती है। पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश को पता है कि 2024 में जिम्मेदारी बड़ी है। समाजवादी पार्टी के संजय लाठर भी कहते हैं कि 2024 के चुनाव में चुनौतियां ज्यादा बढ़ी हैं, लेकिन यकीन मान लीजिए कि चुनाव बाद नतीजे बहुत अच्छे आएंगे। विपक्ष जीतेगा और सत्ता पक्ष हारेगा।
विपक्ष के लिए 2024 में क्या है संजीवनी?
राजद के तेजस्वी यादव कहते हैं कि जनता में अंडर करंट है। एनडीए को पता चल जाएगा। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने भी इसी भरोसे से 42 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है। कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी भी लगातार बड़ा दावा कर रहे हैं। यह सवाल राजनीति विज्ञान के मर्मज्ञ एसके सिंह से पूछिए तो कहते हैं कि विपक्ष ने अपना रवैया नहीं बदला। वह कहते हैं कि कश्मीर से कन्याकुमारी विपक्ष का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से हटाना है। कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, राज्यों के पूर्व मंत्री, वर्तमान राज्यों में सरकार के मंत्री, विधायक, सांसद पार्टी को छोड़ रहे हैं। चुनाव लड़ने से कतरा रहे हैं। राहुल गांधी की टीम करीब-करीब उनको छोड़कर जा चुकी है, लेकिन इसके बाद भी पार्टी की रीति-नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। सहयोगी दल इंडिया गठबंधन में सीटों का बंटवारा, तालमेल करके एकजुटता नहीं प्रदर्शित कर पाए। एसके सिंह कहते हैं कि विपक्षी दलों के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया। यहां तक कि तृणमूल कांग्रेस ने भी पश्चिम बंगाल में 42 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। पंजाब में आम आदमी पार्टी से तालमेल नहीं हो पाया। जद (यू) एनडीए में लौट गई। एसके सिंह कहते हैं कि हर राज्य में जनता के बीच में केंद्र सरकार के खिलाफ नाराजगी को देखकर हर दल को लग रहा है कि 10 साल की एनडीए सरकार को 2024 में बड़ा नुकसान होगा। सिंह का कहना है कि मंहगाई, बेरोजगारी समेत तमाम ऐसे मुद्दे हैं, जो सत्ता पक्ष को कई राज्यों में छोटा-छोटा झटका दे सकते हैं।
राहुल गांधी और उनके चुनाव प्रचार का क्या सेट हो रहा है एजेंडा?
समाजवादी पार्टी के संजय लाठर कहते हैं कि भारत जोड़ो यात्रा और भारत जोड़ो न्याय यात्रा में राहुल गांधी ने बड़े संजीदा मुद्दा उठाए। जनता उनसे खूब जुड़ी। बिहार में तेजस्वी यादव की जनसभा में उमड़ रही भीड़ और जनता का जुड़ाव देखने लायक है। यही बात एनसीपी के अनिल देशमुख कहते हैं। देशमुख के अनुसार चुनाव होने दीजिए। कोई संदेह नहीं रह जाएगा। संजय लाठर कहते हैं कि 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। 2019 में बसपा साथ थी। 2022 में तो कोई बड़ा दल नहीं था। आप नतीजा देख लीजिए। संजय लाठर कहते हैं कि 2024 का भी नतीजा चौंकाएगा। संजय लाठर कहते हैं कि उत्तर प्रदेश की बात कर सकता हूं। राज्य में भाजपा की 80 में से 50 सीट आ जाएं तो बड़ी बात होगी। हर गांव का नौजवान बेरोजगारी से परेशान है। हर गांव छुट्टा जानवरों से परेशान है। मंहगाई बढ़ी है और गांव से लेकर शहर तक हर वर्ग बोझ के नीचे दबा जा रहा है। मोदी सरकार के पास केवल हिंदू-मुसलमान जैसा मुद्दा ही रह रहा है। अब जनता इतनी अंधी तो नहीं है? कांग्रेस के संजीव सिंह कहते हैं कि 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 56 इंच की छाती वाला बयान चर्चित हुआ था। मुंबई में राहुल गांधी ने इसी 56 इंच की छाती पर बोला है। राहुल गांधी ने बताया है कि यह सरकार किसकी है। उन्होंने कहा कि राजा की आत्मा कहां है? राजा की आत्मा ईडी, सीबीआई, ईवीएम में है। अब देश की जनता को यह बताने की जरूरत नहीं है कि ईडी, सीबीआई, ईवीएम क्या है? संजय सिंह कहते हैं कि उम्मीद कीजिए, लोकसभा चुनाव 2024 का नतीजा चौंकाने वाला होगा।