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हरीश रावत ने कहा- कांग्रेस सत्ता में आई तो राम मंदिर बनाने का करेगी प्रयास
Fri, 22 Feb 2019 06:33 PM IST
ललित फुलारा
चुनाव डेस्क, अमर उजाला
चुनाव डेस्क, अमर उजाला
Published by: ललित फुलारा
Updated Fri, 22 Feb 2019 06:33 PM IST
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत
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कांग्रेस महासचिव हरीश रावत ने आज कहा कि पार्टी अगर सत्ता में आती है तो वह अयोध्या में राम मंदिर बनाने का भरसक प्रयास करेगी। रावत ने कहा, 'अयोध्या के बारे में मेरा वक्तव्य पहले भी आ चुका है कि अगर हमारी पार्टी सत्ता में आती है तो हम राममंदिर बनाने का भरसक प्रयास करेंगे। मेरे इस दृष्टिकोण को पार्टी का भी माना जाना चाहिए ।'
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उन्होंने कहा कि केवल कांग्रेस पार्टी ने ही पूर्व में सत्ता में रहने के दौरान दो बार राम मंदिर बनाने के गंभीर प्रयास किये हैं और यह बात वरिष्ठ भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी उनके सामने स्वीकार की थी । रावत ने भाजपा पर इस मुददे को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र को इस संबंध में एक फेसिलिटेटर की भूमिका निभानी चाहिए ।
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'सिर्फ प्रधानमंत्री ही नहीं भारत का हर व्यक्ति है राष्ट्रवादी'
पुलवामा हमले पर भी उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि वह केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही राष्ट्रवादी होने का तमगा दे रही है । उन्होंने कहा, 'ऐसा क्यों है कि केवल प्रधानमंत्री मोदी ही राष्ट्रवादी हो सकते हैं । मुझे इस पर घोर आपत्ति है । भारत का हरेक व्यक्ति राष्ट्रवादी है । मैं भी राष्ट्रवादी हूं और आप भी राष्ट्रवादी हैं ।' कांग्रेस नेता ने कहा कि सैनिकों की शहादत पर पूरा भारत एक साथ खडा है । प्रदेश सरकार द्वारा पेश बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रावत ने कहा कि यह निराशाजनक है ।
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बजट को लेकर हरीश रावत ने उठाए सवाल
हरीश रावत ने कहा, 'बजट में कुछ भी नया नहीं है और अगर कुछ है तो वह कुछ दीनदयाल उपाध्याय, कुछ नरेंद्र मोदी और कुछ पुराने प्रस्ताव हैं ।' इस संबंध में उदाहरण देते हुए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि इसमें गैर सरकारी संस्थाओं को पुनर्जीवित करने की उनकी सरकार की योजना को नाम बदल कर शामिल किया गया है । उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस योजना के लिये एक रिवाल्विंग फंड भी तैयार किया था और उसमें पांच लाख रूपये रखे थे । इसी योजना का नाम परिवर्तन करके सरकार ने दीनदयाल उपाध्याय योजना कर दिया है ।
उन्होंने कहा, 'मैं पूछना चाहता हूं कि जिस उददेश्य से यह योजना लायी गयी थी , पिछले चार सालों में कितनी गैर सरकारी संस्थाओं को पुनर्जीवित किया गया ।' रावत ने कहा कि विकास दर बुलेट ट्रेन की तरह तेजी से आगे बढ रही है पर गंभीर विषय यह है कि कृषि विकास दर अपने न्यूनतम स्तर पर है। उन्होंने यह भी कहा कि मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की स्थिति भी ठीक नहीं है, बेरोजगारी भी चरम पर है और बेरोजगारों की संख्या नौ लाख हो चुकी है ।