17वीं लोकसभा के लिए पीलीभीत से चुनाव लड़ने वाले वरुण गांधी राजनेता होने के साथ ही कवि भी हैं। वरुण इस वक्त यूपी के सुल्तानपुर से भाजपा सांसद हैं। लेकिन इस बार इस सीट से उनकी मां मेनका गांधी लोकसभा चुनाव लड़ रही हैं। वरुण गांधी को भाजपा में हिंदुत्व का कट्टर चेहरा माना जाता है। वह अपने विवादित बयानों को लेकर भी सुर्खियां बटोरते आए हैं। हालांकि, पिछले छह-सात साल से वरुण गांधी मीडिया सुर्खियों से एकदम दूरी बनाए हुए हैं। वरुण गांधी भारतीय राजनीति के सबसे पुराने नेहरू-गांधी परिवार से आते जरूर हैं, लेकिन उनकी राजनीति कांग्रेस विरोधी है। जब वरुण तीन माह के थे पिता संजय गांधी का साया सिर से उठ गया। हवाई जहाज दुर्घटना में वरुण ने पिता को खो दिया। चार साल की उम्र में दादी और देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का साया सिर से उठ गया। 39 साल की उम्र में वरुण ने जिंदगी के कई रंग-रूप देखे हैं। आइए वरुण गांधी की निजी जिंदगी और राजनीतिक सफर पर एक नजर डालते हैं...
वरुण गांधी: बिखरते बचपन से उबरकर भाजपा के इतिहास में नाम दर्ज कराने वाले नेता
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ललित फुलारा
Updated Tue, 16 Apr 2019 05:47 PM IST
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