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इसलिए वायनाड की जनता ने राहुल गांधी को दिया पूरा समर्थन
Thu, 23 May 2019 09:22 PM IST
Prachi Priyam
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Prachi Priyam
Updated Thu, 23 May 2019 09:22 PM IST
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राहुल गांधी
- फोटो : अमर उजाला
वायनाड
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भले ही अमेठी लोकसभा सीट से हार गए हों, लेकिन दक्षिण भारत में उन्हें लोगों का भारी समर्थन मिला है। राहुल गांधी ने वायनाड लोकसभा क्षेत्र से करीब साढ़े चार लाख वोटों से जीत हासिल की है।
ये हैं वो मुख्य वजह जिनके कारण राहुल गांधी को वायनाड से मिली जीत-
केरल की वायनाड लोकसभा सीट को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। अमेठी के अलावा राहुल गांधी ने यहां से भी चुनाव लड़ने का फैसला लिया था। इसके पीछे का कारण उन्होंने दक्षिण और उत्तर भारत को जोड़ने की नीति को बताया था। वायनाड से मैदान में उतरने की घोषणा करने के साथ ही यहां से राहुल की जीत सुनिश्चित मानी जा रही थी। 2014 में भी वायनाड में कांग्रेस प्रत्याशी एमआई शानवास ने भारी मतों से जीत हासिल की थी।
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ये हैं वो मुख्य वजह जिनके कारण राहुल गांधी को वायनाड से मिली जीत-
- वायनाड लोकसभा सीट लंबे समय से कांग्रेस का गढ़ रही है। राहुल गांधी के लिए यहां से जीत हासिल करना शुरू से ही बहुत मुश्किल नहीं था।
- वायनाड सीट जब से अस्तित्व में आई है, वहां हर बार कांग्रेस को ही जीत मिली है।
- केरल में मुख्य लड़ाई कांग्रेस बनाम लेफ्ट में है। भाजपा वहां बहुत बड़ी भूमिका में नहीं है। जैसे जैसे वाम दलों की पकड़ ढीली होती गई, इसका सीधा फायदा कांग्रेस को मिलता गया।
- वायनाड केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक तीनों प्रांतों को जोड़ने वाला क्षेत्र है। और तीनों ही प्रांत कांग्रेस प्रभावित क्षेत्रों की गिनती में आते हैं।
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