ममता बनर्जी का 'मीम' वायरल करने वाली प्रियंका शर्मा बोलीं- नहीं मागूंगी माफी, लड़ूंगी केस
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का 'मीम' शेयर करने वाली भाजपा युवा मोर्चे की संयोजक प्रियंका शर्मा का आरोप है कि उन्हें उनके परिवार और वकील से नहीं मिलने दिया गया। प्रियंका शर्मा ने न्यूज एजेंसी 'एएनआई' से कहा है कि मेरी जमानत तो कल ही हो गई थी लेकिन, 18 घंटे तक मुझे रिहा नहीं किया गया। मुझे मेरे वकील से नहीं मिलने दिया गया। यहां तक की परिवारवालों से भी मुलाकात नहीं करने दी गई। प्रियंका शर्मा ने कहा कि जमानत मिलने के बाद भी मुझसे माफीनामा लिखवाया जा रहा था। माफीनामे पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा जा रहा था।
BJP Youth Wing Convenor Priyanka Sharma who was arrested for sharing a meme on West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee: My bail was granted y'day, but still I wasn't released for another 18 hours. They didn't allow me to meet my advocate & family. They made me sign an apology pic.twitter.com/Ln80lBZzJn
— ANI (@ANI) May 15, 2019विज्ञापन
उन्होंने कहा है कि वह ममता बनर्जी का मजाक बनाने वाले मामले में बिल्कुल भी माफी नहीं मांगेंगी। मामले की लड़ाई लडेंगी। प्रियंका शर्मा रिहाई के बाद भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय पहुंची थी। प्रियंका को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मजाक बनाने वाले 'मीम' को सोशल मीडिया पर शेयर करने को लेकर गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने पहले अपने आदेश में कहा था कि प्रियंका शर्मा को ममता बनर्जी का मजाक बनाने के लिए लिखित माफीनामा देना होगा, लेकिन बाद में न्यायालय ने अपने आदेश में संशोधन करते हुए उन्हें फौरन रिहा करने का आदेश दिया था।
क्या है पूरा मामला?
भारतीय जनता पार्टी की कार्यकर्ता प्रियंका शर्मा ने ममता बनर्जी की फोटोशॉप्ड तस्वीर फेसबुक पर साझा की थी। इस तस्वीर में प्रियंका चोपड़ा के मेट गाला वाले फोटो पर ममता बनर्जी को दिखाया गया था। इस तस्वीर पर आपत्ति जताते हुए तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रियंका के खिलाफ केस दर्ज करवाया और फिर उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। प्रियंका शर्मा को 10 मई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर प्रियंका के समर्थन में एक मुहिम चली थी। इसमें लोगों ने उनकी गिरफ्तारी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन बताया था।