बिहार में महागठबंधन पर बरसे पीएम मोदी, बोले- विचार और विजन से दिवालिया हो चुकी है कांग्रेस-राजद
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बिहार के वाल्मीकि नगर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के महागठबंधन पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद और नक्सलवाद को खत्म करने के लिए हमारी नीति साफ है। हमारी नीति और रणनीति का दम आज पूरी दुनिया देख रही है। वहीं, कांग्रेस और आरजेडी की नीति क्या है? वो उन्हें खुद मालूम नहीं है। उन्होंने कहा 'नीतीश जी ने बड़ी मेहनत करके लालटेन को हटाया है। घर-घर में बिजली पहुंचाई है। वो आपको फिर से लालटेन युग की और ले जाना चाहते हैं, लेकिन नीतीश जी और उनकी टीम आपके घर में एलआईडी बल्ब की दूधिया रौशनी पहुंचाने के लिए लगातार मेहनत कर रही है।'
PM Modi in Valmiki Nagar, Bihar: Nitish Ji removed 'Lalten' (RJD's symbol) with hard work & provided electricity to every household. They are trying to push you back in the 'lalten' era but Nitish ji & his team is working to illuminate every household with the light of LED bulbs. pic.twitter.com/WvGuCh6NUr
— ANI (@ANI) May 4, 2019विज्ञापन
'कांग्रेस और आरजेडी खुद को सेवक नहीं लोकतंत्र का महाराजा समझते हैं'
पीएम मोदी ने कहा 'हम पर जो बुरी नजर डालेगा उस पर उतनी ही शक्ति से वार किया जाएगा। आतंकी हो या फिर आतंक के मददगार, घर में घुस कर मारा जाएगा। वो अगर गोली चलाएंगे तो मोदी गोला चलाएगा।' प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस हो या फिर आरजेडी इनके पास सिर्फ नाम और दाम का ही विजन है। यही कारण है कि झूठ और प्रपंच की राजनीति इनके लिए वजूद बचाने का एकमात्र जरिया बन गई है। इनका इरादा बिहार और देश की सेवा करने का नहीं है। ये खुद को सेवक नहीं बल्कि लोकतंत्र का नया महाराजा समझते हैं।
प्रधानमंत्री ने महागठबंधन को महामिलावटी बताया। पीएम ने कहा कि विचार और विजन से दिवालिया हो चुके ये लोग गरीब, आदिवासी और किसान के साथ धोखे का खेल खेलते हैं। इनसे सावधान होने की जरूरत है। ये ऐसे शातिर हैं कि फर्जी स्कीम भी वोट के लिए बेच देते हैं। मत भूलिए जब 10 साल पहले कांग्रेस ने कर्ज माफी का एलान किया था। उस समय किसानों का कर्ज था 6 लाख करोड़ रुपये था और इन्होंने माफ किया मात्र 52 हजार करोड़ रुपये। इसके बाद कैग की रिपोर्ट में पता चला कि 40 लाख लोग ऐसे लोगों को पैसा बांट दिया गया जो किसान थे ही नहीं।