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Darjeeling Landslide: 'अम्फान से कुछ नहीं सीखा', बंगाल भाजपा के नेताओं ने सीएम ममता बनर्जी पर साधा निशाना
Mon, 06 Oct 2025 09:28 AM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: पवन पांडेय
Updated Mon, 06 Oct 2025 09:28 AM IST
सार
Darjeeling Landslide: पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में बारिश और भूस्खलन से हाल बेहाल है। इस पर अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है। भाजपा ने सत्ताधारी दल टीएमसी पर कई आरोप लगाए हैं। फिलहाल, प्राकृतिक आपदा में 20 से ज्यादा लोगों की जान चुकी है और प्रभावितों को राहत की जरूरत है।
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दर्जिलिंग में प्राकृतिक आपदा के बाद विपक्ष के निशाने पर सरकार
- फोटो : ANI
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विस्तार
पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन की घटनाओं ने तबाही मचा दी है। इस आपदा में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता हैं, कई सड़कें बंद हैं और कई घर बह गए हैं। इस आपदा के बीच राजनीति भी तेज हो गई है।
भाजपा का आरोप- ममता ने संकट के वक्त चुना जश्न
राज्य भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब उत्तर बंगाल के लोग भूस्खलन और बाढ़ की मार झेल रहे हैं, तब मुख्यमंत्री दुर्गा पूजा कार्निवल में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा, 'यह उत्सव का समय नहीं है, मुख्यमंत्री को आज कार्निवल छोड़कर उत्तर बंगाल के लोगों के बीच होना चाहिए था। लेकिन अगर कोई इस सरकार से संवेदनशीलता की उम्मीद करता है, तो वह मूर्ख है।'
यह भी पढ़ें - Leh Violence: सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के मामले में सुनवाई, पत्नी ने लगाई है याचिका
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अम्फान की यादें ताजा
समित भट्टाचार्य ने याद दिलाया कि साल 2020 में आए अम्फान चक्रवात ने बंगाल में 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को प्रभावित किया था, लेकिन तब भी राज्य सरकार ने कोई ठोस सुधार नहीं किए। आज भी वही नाकामी दिख रही है। समिक भट्टाचार्य ने ममता सरकार को 'निकम्मी' करार देते हुए कहा कि यह सरकार अम्फान चक्रवात से भी कोई सबक नहीं ले पाई। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कोई प्रभावी आपदा प्रबंधन टीम नहीं है।
केंद्र की निगरानी में राहत कार्य
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि उत्तर बंगाल में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) तैनात है और गृह मंत्री व प्रधानमंत्री लगातार हालात की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने कहा, 'एनडीआरएफ राहत कार्य में लगी है, केंद्र सरकार हर पल स्थिति पर नजर रखे हुए है, लेकिन राज्य सरकार की संवेदनशीलता गायब है।'
दिलीप घोष का आरोप- सरकार की लापरवाही से बढ़ी तबाही
वहीं भाजपा नेता दिलीप घोष ने भी राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, 'वर्षों से नालों और नदियों की सफाई नहीं हुई। टीएमसी नेताओं ने जमीनों पर कब्जा कर उन्हें बेच दिया। अब पूरा उत्तर बंगाल डूबा हुआ है। यहां लोग बह रहे हैं और उधर कार्निवल हो रहा है। मुख्यमंत्री तो सिर्फ फोटो खिंचवाने जाती हैं।' उन्होंने कहा कि जब भी नुकसान होता है, राज्य सरकार केंद्र से पैसे की मांग करती है और फिर आंदोलन शुरू कर देती है कि केंद्र ने मदद नहीं दी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ता राहत कार्य में लगे हैं, लेकिन राज्य सरकार कहीं नजर नहीं आ रही।
यह भी पढ़ें - Andhra Pradesh: जगन का आरोप- सरकारी लापरवाही से आदिवासी छात्राओं की मौत; परिवारों को 25 लाख मुआवजे की मांग
दार्जिलिंग में बारिश-भूस्खलन से हालात गंभीर
शनिवार 4 अक्तूबर की रात से लगातार हो रही बारिश से दार्जिलिंग के मिरिक और सुखिया पोखरी इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। सड़कों और घरों के बह जाने से संपर्क मार्ग टूट गए हैं। कई ग्रामीण इलाकों में राहत पहुंचाना मुश्किल हो गया है। एनडीआरएफ की टीमों ने अब तक 160 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला है, इनमें से 105 लोगों को नाव से और 55 को जिप लाइन की मदद से बचाया गया। राहत दल ने एक शव भी बरामद किया है। भारी बारिश से लोगों के घर, सड़कें और दुकानें सबकुछ मिट्टी में समा गए हैं। जिन इलाकों में राहत पहुंच रही है, वहां भी हालात सामान्य होने में वक्त लगेगा। लोगों का कहना है कि सरकार की तैयारी न के बराबर थी।
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भाजपा का आरोप- ममता ने संकट के वक्त चुना जश्न
राज्य भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब उत्तर बंगाल के लोग भूस्खलन और बाढ़ की मार झेल रहे हैं, तब मुख्यमंत्री दुर्गा पूजा कार्निवल में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा, 'यह उत्सव का समय नहीं है, मुख्यमंत्री को आज कार्निवल छोड़कर उत्तर बंगाल के लोगों के बीच होना चाहिए था। लेकिन अगर कोई इस सरकार से संवेदनशीलता की उम्मीद करता है, तो वह मूर्ख है।'
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अम्फान की यादें ताजा
समित भट्टाचार्य ने याद दिलाया कि साल 2020 में आए अम्फान चक्रवात ने बंगाल में 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को प्रभावित किया था, लेकिन तब भी राज्य सरकार ने कोई ठोस सुधार नहीं किए। आज भी वही नाकामी दिख रही है। समिक भट्टाचार्य ने ममता सरकार को 'निकम्मी' करार देते हुए कहा कि यह सरकार अम्फान चक्रवात से भी कोई सबक नहीं ले पाई। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कोई प्रभावी आपदा प्रबंधन टीम नहीं है।
केंद्र की निगरानी में राहत कार्य
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि उत्तर बंगाल में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) तैनात है और गृह मंत्री व प्रधानमंत्री लगातार हालात की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने कहा, 'एनडीआरएफ राहत कार्य में लगी है, केंद्र सरकार हर पल स्थिति पर नजर रखे हुए है, लेकिन राज्य सरकार की संवेदनशीलता गायब है।'
दिलीप घोष का आरोप- सरकार की लापरवाही से बढ़ी तबाही
वहीं भाजपा नेता दिलीप घोष ने भी राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, 'वर्षों से नालों और नदियों की सफाई नहीं हुई। टीएमसी नेताओं ने जमीनों पर कब्जा कर उन्हें बेच दिया। अब पूरा उत्तर बंगाल डूबा हुआ है। यहां लोग बह रहे हैं और उधर कार्निवल हो रहा है। मुख्यमंत्री तो सिर्फ फोटो खिंचवाने जाती हैं।' उन्होंने कहा कि जब भी नुकसान होता है, राज्य सरकार केंद्र से पैसे की मांग करती है और फिर आंदोलन शुरू कर देती है कि केंद्र ने मदद नहीं दी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ता राहत कार्य में लगे हैं, लेकिन राज्य सरकार कहीं नजर नहीं आ रही।
#WATCH | North 24 Parganas, West Bengal: On the Darjeeling landslide incident following rainfall, BJP leader Dilip Ghosh says, "...The reason for this is that for years, neither the drains nor the rivers have been cleaned. TMC leaders have encroached on the land and sold it to… pic.twitter.com/oek63dL1DR
— ANI (@ANI) October 6, 2025
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दार्जिलिंग में बारिश-भूस्खलन से हालात गंभीर
शनिवार 4 अक्तूबर की रात से लगातार हो रही बारिश से दार्जिलिंग के मिरिक और सुखिया पोखरी इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। सड़कों और घरों के बह जाने से संपर्क मार्ग टूट गए हैं। कई ग्रामीण इलाकों में राहत पहुंचाना मुश्किल हो गया है। एनडीआरएफ की टीमों ने अब तक 160 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला है, इनमें से 105 लोगों को नाव से और 55 को जिप लाइन की मदद से बचाया गया। राहत दल ने एक शव भी बरामद किया है। भारी बारिश से लोगों के घर, सड़कें और दुकानें सबकुछ मिट्टी में समा गए हैं। जिन इलाकों में राहत पहुंच रही है, वहां भी हालात सामान्य होने में वक्त लगेगा। लोगों का कहना है कि सरकार की तैयारी न के बराबर थी।