{"_id":"6a96a28697fff1e874036540","slug":"neet-protest-supreme-court-quashes-firs-across-india-allows-compensation-and-fresh-cases-against-2873-people-2026-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम फैसला: नीट प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर रद्द, पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा; 2873 पर कार्रवाई क्यों?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सुप्रीम फैसला: नीट प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर रद्द, पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा; 2873 पर कार्रवाई क्यों?
Tue, 01 Sep 2026 03:31 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Tue, 01 Sep 2026 03:31 PM IST
सार
नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने दिल्ली और चार राज्यों में दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही सीजेपी ने पांच सितंबर को प्रस्तावित मार्च वापस ले लिया। लेकिन 2873 ऐसे लोगों पर नई एफआईआर की इजाजत क्यों दी गई, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड बताया गया है। मुआवजे को लेकर केंद्र ने क्या भरोसा दिया है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
विज्ञापन
नीट प्रदर्शनकारियों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर दर्ज एफआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने आर्टिकल 142 के तहत मिले अपने विशेष अधिकार का इस्तेमाल करते हुए दिल्ली और चार राज्यों में दर्ज एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया। साथ ही सीजेपी ने केंद्र के कदम और कोर्ट के आदेश को देखते हुए पांच सितंबर को प्रस्तावित मार्च वापस ले लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
किन राज्यों में प्रदर्शनकारी छात्रों की एफआईआर रद्द होंगी?
- सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के अलावा असम, महाराष्ट्र, बंगाल और बिहार में नीट प्रदर्शन से जुड़ी एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया।
- ये मामले 20 से 25 जुलाई के बीच हुए प्रदर्शन से जुड़े थे।
- दिल्ली पुलिस और चार राज्य सरकारों ने कोर्ट से आर्टिकल 142 के तहत इन मामलों को खत्म करने की मांग की थी।
- मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने मामले पर सुनवाई की और एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया।
केंद्र ने प्रदर्शनकारी छात्रों के परिवारों को मुआवजे पर क्या कहा?
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार प्रदर्शनकारियों से बातचीत में दिए गए भरोसे पर कायम है। उन्होंने बताया कि नीट प्रदर्शन के दौरान आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा। केंद्र ने इसके लिए तीन महीने का समय मांगा है। मुआवजे का तरीका तय करने के लिए अलग-अलग राज्य सरकारों और संबंधित पक्षों से बातचीत की जाएगी।
विज्ञापन
2873 लोगों पर फिर कार्रवाई क्यों होगी?
कोर्ट ने प्रदर्शन से जुड़े मामलों में राहत दी है, लेकिन केंद्र को 2873 ऐसे लोगों के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज करने की अनुमति दी है, जिनके बारे में आपराधिक इतिहास होने की बात कही गई है। सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि इन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड है। सुनवाई के दौरान वकील हरिहरन ने इन 2873 लोगों की सूची मांगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन लोगों के खिलाफ आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन