{"_id":"5c62ef8abdec22738442b2f2","slug":"law-minister-ravi-shankar-prasad-has-given-assurances-to-consider-the-demands-of-lawyers","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने दिया वकीलों की मांग पर विचार का भरोसा ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने दिया वकीलों की मांग पर विचार का भरोसा
Tue, 12 Feb 2019 09:38 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Tue, 12 Feb 2019 09:38 PM IST
विज्ञापन
देश के कई राज्यों से आये वकीलों ने मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर पटियाला हाउस कोर्ट से जंतर मंतर तक मार्च निकाला। इस मार्च में हजारों की संख्या में मौजूद वकीलों ने हाथों में तख्तियां ली हुई थीं। इस मार्च के बाद वकीलों का 21 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद से भी मिला। कानून मंत्री ने वकीलों की कई मांगों पर विचार करने के लिये वकीलों व अधिकारियों की कमेटी बनाने का आश्वासन दिया है। बीसीआई के आह्वान पर देश भर के वकीलों ने राजधानी के मंगलवार को पटियाला हाउस अदालत से जंतर मंतर तक मार्च निकाला।
विज्ञापन
वकीलों की मांग है कि उनके लिये बीमा पॉलिसी, मेडिकल सुविधा, असामयिक मौत व दुर्घटना पर वित्तीय सहायता, वकीलों के लिये आवासीय योजना शुरु, वकीलों व पक्षकारों के कल्याण के लिये केंद्रीय बजट में पांच हजार करोड़ की राशि की व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं। पटियाला हाउस कोर्ट से दोपहर करीब एक बजे निकाले गये मार्च में बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा, बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (बीसीडी) के अध्यक्ष केसी मित्तल, सचिव विष्णु शर्मा, नई दिल्ली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आरके वाधवा, दीपक शर्मा, अरविंद सिंह, शैलेंद्र कुमार गुप्ता, अमन गौरव, एसपी गौतम, सोनिया सिंघानिया समेत हजारों की संख्या में हिस्सा लिया।
विज्ञापन
अधिवक्का सोनिया सिंघानिया ने कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती वकील अपनी आवाज उठाते रहेंगे। बीसीआई ने मार्च व कानून मंत्री से मुलाकात के बाद प्रेस वार्ता कर बताया कि कानून मंत्री ने बजट में फिलहाल कोई आवंटन करने में असमर्थता जताई है। इसके अलावा उन्होंने आवासीय योजना शुरु करने में असमर्थता जताई है। मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि अगर लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं करती तो कड़ा कदम उठाया जायेगा। इस पर दो मार्च को बैठक आयोजित कर विचार किया जायेगा।
विज्ञापन