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लश्कर-ए-तैयबा ने बनाया ऐसा मोबाइल जिसे जांच एजेंसी नहीं कर पाएगी ट्रेस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 23 May 2018 08:51 AM IST
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लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के छात्र संगठन अल मुहम्मदिया स्टूडेंट्स (एएमएस) ने एक ऐसा मोबाइल बनाया है जिसके जरिए केवल एलईटी के सदस्य एक-दूसरे से बातचीत कर सकते हैं। इसमें एक खास तरह की चिप लगाने से यह मोबाइल अपने आप नजदीकी किसी भी ऑपरेटर के टॉवर से जुड़ जाता है। इसके जरिए जो फोन किए जाएंगे उन्हें जांच एजेंसियां ट्रेस नहीं कर पाएंगी। जैसे ही जांच एजेंसी डिवाइस को पकड़ने की या ट्रेस करने की कोशिश करेंगे कॉल अपने आप खत्म हो जाएगी।
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जांच एजेंसियों को परेशान करने वाली इस बात का खुलासा 20 साल के मुल्तान बेस्ड आतंकी जैबुल्लाह उर्फ हमजा ने किया है। उसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 7 अप्रैल को कुपवाड़ा के जुगदियाल के एक घर से पकड़ा था। पाकिस्तान के आयकर अधिकारी के बेटे जैबुल्लाह ने यह भी दावा किया है कि वैश्विक आतंकी संगठन एलईटी ने एंटी-इंडिया ऑपरेशन के लिए साल 2017 में पाकिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों से 450 लड़कों की भर्ती करने के साथ ही उन्हें ट्रेनिंग दी है।
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भर्ती किए गए लड़कों को विभिन्न कैंपों में कठोर हथियारों की ट्रेनिंग दी जा रही है। इन लड़कों की उम्र 15 से 25 साल के बीच है और उन्हें बुरहान वानी के नाम पर भर्ती करने के साथ ही भारत के खिलाफ भड़काया जा रहा है। जैबुल्लाह इस साल 2 या 3 मार्च को भारत में पांच लोगों के साथ दाखिल हुआ था। 20 मार्च को भारतीय सेना द्वारा किए गए एनकांउटर में सभी की मौत हो गई थी। एनकाउंटर के दौरान एक गोली जैबुल्लाह के हाथ में भी लगी थी इसके बावजूद वह किसी तरह भागने में सफल रहा और 15 दिन बाद पकड़ा गया।
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