फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Language of this court is English, Supreme Court tells litigant who argued in Hindi

Supreme Court: 'हमें समझ नहीं आ रहा, आप क्या बोल रहे हैं', हिंदी में दलील दे रहे शख्स को जजों ने टोका

Fri, 18 Nov 2022 03:24 PM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Fri, 18 Nov 2022 03:24 PM IST
सार

देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट में आज एक अलग ही तरह का मामला देखने को मिला जहां  हिंदी में दलील दे रहे एक शख्स को सुप्रीम कोर्ट के दो जजों ने टोक दिया। 

विज्ञापन
Language of this court is English, Supreme Court tells litigant who argued in Hindi
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social media

विस्तार

देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट में आज एक अलग ही तरह का मामला देखने को मिला जहां  हिंदी में दलील दे रहे एक शख्स को सुप्रीम कोर्ट के दो जजों ने टोक दिया। दरअसल, शीर्ष अदालत में याचिकाकर्ता शंकर लाल शर्मा अपने केस की खुद जिरह करने लगे लेकिन वे लगातार हिंदी में दलीलें दिए जा रहे थे जिसपर जस्टिस केएम जोसेफ और हृषिकेश रॉय की पीठ ने आपत्ति जताई। दोनों जजों ने कहा कि आप क्या बोल रहे हैं? हमें समझ नहीं आ रहा है। यहां की भाषा अंग्रेजी है। आप अंग्रेजी में बोलिए। यदि आप चाहें तो हम आपको एक वकील प्रदान कर सकते हैं जो आपके मामले पर बहस करेगा। हालांकि, याचिकाकर्ता जज की बात को नहीं समझ पा रहे थे और लगातार हिंदी में दलीलें देते ही जा रहे थे। शर्मा ने कहा कि उनका मामला शीर्ष अदालत सहित विभिन्न अदालतों में जा चुका है, लेकिन उन्हें कहीं से भी राहत नहीं मिली है। हमें न्याय चाहिए।

विज्ञापन


अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने की मदद
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल माधवी दीवान, जो एक अन्य अदालत में पेश हो रही थीं, शर्मा की मदद के लिए आनन-फानन में आईं और उन्हें अनुवाद किया जो पीठ कह रही थी। शर्मा से बात करने के बाद, दीवान ने पीठ से कहा कि याचिकाकर्ता कानूनी सहायता वकील रखने के अदालत के प्रस्ताव को स्वीकार करने को तैयार है, जो उनके मामले में बहस कर सके।
विज्ञापन


अदालत ने सहायता के लिए निःशुल्क वकील उपलब्ध करवाया
इसके बाद पीठ ने शर्मा के ठीक पीछे बैठे एक अन्य वकील से पूछा कि क्या वह याचिकाकर्ता की सहायता कर सकते हैं। उनके सहमत होने के बाद, पीठ ने वकील से कहा आशा है, आप इसे निशुल्क करेंगे। वकील ने कहा कि हां, मैं इसे निशुल्क करूंगा। पीठ ने मामले की आगे की सुनवाई के लिए चार दिसंबर की तारीख तय की और वकील से मामले की फाइल को देखने को कहा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed