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श्रम मंत्री संतोष गंगवार बोले, 50 करोड़ कर्मचारियों के हित में हैं नए श्रम सुधार कानून

Mon, 05 Oct 2020 08:06 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 05 Oct 2020 08:06 PM IST
सार

  • श्रम मंत्री ने बताया- नए कानून से लाइसेंस में लालफीताशाही को कम करने की हुई कोशिश
  • अनुबंधित कर्मचारियों को भी मिल सकेगा नियमित कर्मचारियों की तरह फायदा 

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Labor Minister Santosh Gangwar said, 50 crore employees are in the interest of new labor reform law
संतोष गंगवार - फोटो : Amar Ujala (File Photo)

विस्तार

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श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कहा है कि श्रमिकों के लिए लाए गए कानून श्रमिकों के साथ-साथ देश के उद्योगों को भी एक नई दिशा देंगे। उन्होंने कहा कि अब एक निश्चित समय के लिए काम पर रखे जाने वाले श्रमिकों को भी वही लाभ प्राप्त हो सकेंगे, जो अब तक केवल नियमित कर्मचारियों को मिलते थे। इस प्रकार नया कानून ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों के लिए हितकारी साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस कानून से देश के 50 करोड़ कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।

श्रम मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब श्रमिक संगठन नए श्रम कानूनों का पुरजोर विरोध कर रहे हैं और इसके खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं। औद्योगिक संगठनों के एक कार्यक्रम को सोमवार को संबोधित करते हुए संतोष गंगवार ने कहा कि अब तक श्रमिक किसी भी इकाई में अचानक हड़ताल कर देते थे।

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इससे श्रमिकों के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों को भारी नुकसान होता था। लेकिन अब किसी भी हड़ताल के पहले 14 दिन का नोटिस देना अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह बाध्यता इसीलिए लगाई गई है कि जिससे इस 14 दिन के दौरान कंपनी और कर्मचारियों में बातचीत हो सके, समस्या का समाधान निकल सके और किसी पक्ष को कोई नुकसान न हो।
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उन्होंने कहा कि श्रम कानूनों में एक बड़ा सुधार यह किया गया है कि अब कोई लाइसेंस न मिलने तक कंपनी को इंस्पेक्टर परेशान नहीं कर सकेंगे। हर लाइसेंस पाने के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की गई है। अगर समय-सीमा के अंदर लाइसेंस नहीं मिल जाता है तो इस अवधि के बाद यह मान लिया जाएगा कि अस्थाई तौर पर कंपनी को संबंधित काम करने की अनुमित मिल गई है। इससे श्रमिक कंपनियों को किसी कानून की आड़ में परेशान नहीं किया जा सकेगा।

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