फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Konkan Railway awaiting Railway Board nod for track doubling over 350 km

Maharashtra: 350 किलोमीटर ट्रैक दोहरीकरण करेगा कोंकण रेलवे, बोर्ड से प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने का इंतजार

Fri, 21 Jun 2024 01:27 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Fri, 21 Jun 2024 01:27 AM IST
सार

हर दिन कोंकण रेलवे महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और केरल के एक छोटे हिस्से से होकर गुजरने वाली लाइन पर 52 यात्री ट्रेनों और 18 माल गाड़ियों का संचालन करता है। इस रूट पर रोहा और वीर स्टेशनों के बीच लगभग 50 किमी की दोहरी लाइन है। एकल लाइनों पर अधिक सेवाएं चलाने में बाधा उत्पन्न होती है। 

विज्ञापन
Konkan Railway awaiting Railway Board nod for track doubling over 350 km
कोंकण रेलवे (फाइल) - फोटो : एएनआई

विस्तार

कोंकण रेलवे (केआर) 350 किमी से अधिक ट्रैक दोहरीकरण की योजना बना रहा है। केआर को ऊबड़-खाबड़ इलाकों से गुजरने वाले 741 किलोमीटर लंबे गलियारे में ट्रैक दोहरीकरण के लिए रेलवे बोर्ड से हरी झंडी का इंतजार है। कोंकण रेलवे के मुख्य प्रबंध निदेशक संतोष कुमार झा ने कहा कि ट्रैक दोहरीकरण से उन्हें अधिक ट्रेनें चलाने में मदद मिलेगी। 

विज्ञापन


संतोष झा ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से बात की। उन्होंने कहा कि कंकावली-सावंतवाड़ी और मडगांव-ठोकुर स्टेशनों के बीच 350 किमी से अधिक ट्रैक दोहरीकरण का प्रस्ताव करीब एक साल पहले रेलवे बोर्ड को भेजा गया था। एक समय में पूर्ण दोहरीकरण संभव नहीं है। हमें उम्मीद है कि पैच दोहरीकरण के लिए मंजूरी मिल जाएगी। फिर हम पैचवाइज दोहरीकरण कर सकते हैं।
विज्ञापन


हर दिन 52 यात्री ट्रेनों का संचालन करता है केआर
बता दें कि हर दिन कोंकण रेलवे महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और केरल के एक छोटे हिस्से से होकर गुजरने वाली लाइन पर 52 यात्री ट्रेनों और 18 माल गाड़ियों का संचालन करता है। इस रूट पर रोहा और वीर स्टेशनों के बीच लगभग 50 किमी की दोहरी लाइन है। एकल लाइनों पर अधिक सेवाएं चलाने में बाधा उत्पन्न होती है। ट्रेनों को विपरीत या समान दिशा से गुजरने वाली ट्रेनों को साइडिंग पर ले जाना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ट्रैक दोहरीकरण पर मैदानी इलाकों में कम आएगी लागत
झा ने कहा, पहाड़ी इलाके में पड़ने वाले वीर और कंकावली स्टेशों के बीच ट्रैक दोहरीकरण की लागत 80 से 100 करोड़ रुपये तक आएगी। जबकि, मैदानी इलाके में इसकी लागत 15 से 20 करोड़ रुपये रह जाती है, ऐसे में समतल एरिया में दोहरीकरण किया जा सकता है। उन्होंने कहा, कुछ स्थानों को छोड़कर, नए भूमि अधिग्रहण की कोई आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि कुछ दशक पहले कोंकण रेलवे की स्थापना के समय पर्याप्त भूमि का अधिग्रहण किया गया था।


गणपति उत्सव पर बढ़ेगी ट्रेनों की संख्या
वार्षिक गणपति उत्सव के दौरान कोंकण जाने वाली ट्रेनों में भीड़भाड़ के बारे में एक सवाल पर झा ने कहा कि रेलवे इस साल भीड़ से निपटने के लिए विशेष ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की कोशिश करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed