RG Kar Case: कोलकाता पुलिस ने नहीं दी प्रदर्शन की अनुमति, हाईकोर्ट में अपील करेंगे डॉक्टर्स
आरजी कर अस्पताल मामले में पूर्व प्राचार्य संदीप घोष और पूर्व एसएचओ अभिजीत मंडल को जमानत मिलने के बाद डॉक्टरों में सीबीआई जांच को लेकर असंतोष है। डॉक्टरों ने इस मामले में प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगी थी, लेकिन कोलकाता पुलिस ने संभावित ट्रैफिक का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया। अब डॉक्टरों ने मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख करने का फैसला किया है।
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कोलकाता पुलिस ने आरजी कर अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षु महिला डॉक्टर से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में सोमवार को डॉक्टर्स को प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी। पश्चिम बंगाल ज्वाइंट प्लेटफॉर्म ऑफ डॉक्टर्स (डब्ल्यूबीजेडीएफ) ने मध्य कोलकाता के एक प्रमुख चौराहे पर मंगलवार से 26 दिसंबर तक प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी। डॉक्टर्स ने इस मामले में पूर्व प्राचार्य संदीप घोष और टाला थाना के पूर्व एसएचओ अभिजीत मंडल को जमानत मिलने पर सीबीआई की जांच पर रोष व्यक्त किया था और मांग की थी कि सीबीआई तुरंत पूरक आरोपपत्र दाखिल करे।
इसके बाद, डॉक्टरों के पांच संगठनों के एक संयुक्त मंच डब्ल्यूबीजेडीएफ ने मंगलवार सुबह कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख करने का फैसला किया और शहर के मध्य में डोरीना क्रॉसिंग पर धरना आयोजित करने की अनुमति देने की प्रार्थना की।
पुलिस ने प्रदर्शन से संभावित ट्रैफिक जाम का दिया हवाला
डोरेना क्रॉसिंग पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार करते हुए, कोलकाता पुलिस ने आगामी क्रिसमस दिवस और नए साल के जश्न के दौरान वहां भीड़ इकट्ठा होने की उम्मीद के कारण संभावित ट्रैफिक जाम का हवाला दिया। पुलिस ने कहा कि इससे पहले भी डॉक्टरों के इसी तरह के कार्यक्रम के कारण लंबे समय तक यातायात प्रभावित हुआ था, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई थी।
डब्ल्यूबीजेडीएफ के एक अधिकारी डॉ. राजीव पांडे ने बताया, 'हम शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अनुमति मांगने के लिए कल सुबह कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख कर रहे हैं।'
आरोप पत्र दायर नहीं करने पर मां ने जताई हैरानी
इस बीच, आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के मृत डॉक्टर की मां ने भी कहा कि वह इस बात से हैरान हैं कि महीनों तक मामले की जांच करने के बाद भी सीबीआई तय समय के भीतर आरोप पत्र दायर नहीं कर सकी, जिसके कारण पूर्व प्रिंसिपल अस्पताल के संदीप घोष और एक पुलिस अधिकारी को जमानत मिल गई।
मां का दावा- सीबीआई से साझा की थी सभी जानकारी
मां ने दावा किया कि उन्होंने और उनके पति ने 9 अगस्त की रात के बारे में इकट्ठा की गई सारी जानकारी केंद्रीय जांच एजेंसी के साथ साझा की थी, जब उनकी बेटी की बेरहमी से दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी।
बता दें कि नौ अगस्त को आरजी कर अस्पताल के सेमिनार हॉल से एक ऑन-ड्यूटी महिला चिकित्सक का अर्धनग्न शव बरामद किया गया था। पुलिस ने मामले की शुरुआती जांच की जिसे बाद में सीबीआई को सौंप दिया गया।
13 दिसंबर को संदीप घोष को मिली थी जमानत
पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और ताला पुलिस स्टेशन के पूर्व ओसी अभिजीत मंडल, जिन्हें युवा चिकित्सक के दुष्कर्म और हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया था, को 13 दिसंबर को कोलकाता की एक अदालत ने जमानत दे दी थी, क्योंकि सीबीआई 90 दिनों के बाद भी मामले में कोई पूरक आरोप पत्र दाखिल नहीं कर सकी थी।
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