ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़ने के मामले में कोलकाता पुलिस ने गठित की एसआईटी
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कोलकाता के विद्यासागर कॉलेज में ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़ने के मामले की जांच के लिए कोलकाता पुलिस ने विशेष जांच दल गठित किया है। मूर्ति तोड़ने की घटना 14 मई को हुई थी।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विद्यासागर की प्रतिमा को तोड़ने का आरोप भाजपा पर लगाया है। तृणमूल कांग्रेस के छात्र संगठन ने अपने मुंह पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया था।
वाम दल और टीएमसी के छात्र संगठन विरोध में कोलकाता की सड़कों पर उतर आए थे। सीपीआई(एम) ने कोलकाता की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया था। लोगों का कहना था कि दशकों से कभी ऐसी घटना नहीं हुई कि किसी ऐसे महान विभूति की मूर्ति तोड़ी गई हो।
सीपीएम के राष्ट्रीय महासचिव सीताराम येचुरी ने इस घटना की जांच की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि इस घटना की जांच होनी चाहिए कि ऐसी घटना आखिर कोलकाता में कैसे हुई। दूसरी ओर भाजपा बंगाल में हुए इस बवाल का सारा ठीकरा तृणमूल कांग्रेस पर फोड़ रही है।
ममता के इन दो 'खास' अफसरों पर गिरी चुनाव आयोग की गाज
कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में हिंसा के 25 घंटे बाद चुनाव आयोग ने बुधवार रात दो बड़े फैसले लिए। आयोग ने पश्चिम बंगाल की नौ लोकसभा सीटों पर तय समय से 19 घंटे पहले यानि कि गुरुवार रात 10 बजे से ही चुनाव प्रचार बंद करने का आदेश दिया। वहीं आयोग ने अधिकारियों का पर भी कार्रवाई की। आयोग ने बंगाल के प्रधान सचिव(गृह) अत्रि भट्टाचार्य को पद से हटाया और सीआईडी के एडीजी राजीव कुमार को भी उनके पद से हटा दिया। ये अधिकारी ममता बनर्जी के 'खास' बताए जाते हैं। अफसरों पर गाज गिरने के बाद ममता बनर्जी भड़क गईं और चुनाव आयोग को खूब खरी-खोटी सुनाई।