मंगल ग्रह पर चल रही अनेकों खोजों के बारे में तो आप जानते ही होंगे। ये बात भी शायद आप जानते हों कि सौरमंडल में सूर्य से चौथा ग्रह मंगल को लाल ग्रह भी कहा जाता है। लेकिन इस ग्रह से जुड़ी कई बातें ऐसी हैं जो रोचक हैं। आज हम आपको मंगल ग्रह से जुड़ी ऐसी ही कुछ बातें बताने जा रहे हैं जिन्हें जानकर आप एक बार को सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि क्या वाकई में ये सच है....
मंगल ग्रह पृथ्वी से केवल छोटा नहीं है बल्कि इसकी सतह का गुरुत्वाकर्षण भी पृथ्वी का लगभग 38 प्रतिशत है। यानि अगर आपका वजन धरती पर 100 किलो है तो मंगल पर कम गुरुत्वाकर्षण के कारण आपका वजन मात्र 37 किलो ही रह जाएगा।
मंगल पर एक ज्वालामुखी है जिसका नाम है ओलंपस मून। वैज्ञानिकों का मानना है कि ये आज भी सक्रिय है। यह ज्वालामुखी लगभग 27.3 किलोमीटर ऊंचा है। इसकी ऊंचाई पृथ्वी के हवाई स्थित सबसे ऊंचे ज्वालामुखी मौन की और माउंट एवरेस्ट से लगभग 3 गुना ज्यादा है। उदाहरण के तौर पर ये ज्वालामुखी उतनी ही जगह में फैला है जितनी जगह में पूरा फ्रांस है।
यह माना जाता है कि इटली के खगोलविद गैलीलियो गैलीली ऐसे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने पहली बार पृथ्वी से मंगल को देखा था। उन्होंने साल 1609 में एक प्राचीन दूरबीन की सहायता इस ग्रह को देखा। इसके बाद साल 1659 में डच के खगोलविद ने एक उन्नत दूरबीन का उपयोग कर मंगल ग्रह देखा।
मंगल ग्रह के बारे में एक अनोखी बात ये भी है कि यह ग्रह पृथ्वी से ज्यादा छोटा, शुष्क और ठंडा है। वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि मंगल पर एक साल पृथ्वी के 687 दिनों के बराबर है। इसके अलावा यहां कुछ बातें ऐसी है जो उसे पृथ्वी जैसा ही बनाती हैं। जैसे यहां ज्वालामुखी है, घाटी है और चार मौसम भी हैं। ये मौसम पृथ्वी से ज्यादा लंबे होते हैं।