Khalistani Terrorist: FBI चीफ भारत में और पन्नू ने कर दी ये बड़ी गलती, क्या अब अमेरिका कसेगा आतंकी पर शिकंजा?
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विस्तार
अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के चीफ क्रिस्टोफर रे के भारत दौरे के दौरान पन्नू ने भारत को ही एक बार फिर से बड़ी धमकी दे डाली। खालिस्तान जनमत संग्रह कराने के नाम पर कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूके में माहौल खराब करने वाले पन्नू ने इस बार भारत में भी जनमत संग्रह कराने की धमकी देकर माहौल खराब करने की कोशिश की है। यही नहीं इस धमकी के दौरान सिख फॉर जस्टिस के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने सिखों को हथियार उठाने को लेकर भड़काया है। केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एफबीआई चीफ की यात्रा के दौरान पन्नू की धमकी से उसकी न सिर्फ पोल खुल गई है, बल्कि पन्नू की करतूतों को लेकर भारत की दलीलों का पक्ष और मजबूत हो गया है। भारत लगातार अमेरिका और कनाडा समेत दुनिया के तमाम देशों को यह बताता आया है कि भारत के खिलाफ आतंकी पन्नू लगातार आतंकी साजिशें रच रहा है।
केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पन्नू ने 26 जनवरी से भारत के भीतर खालिस्तान जनमत संग्रह कराने की धमकी दी है। इस धमकी में बाकायदा पन्नू ने देश के सिखों को खालिस्तान के लिए वोट डालने को कहा है। केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पन्नू ने सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे सिखों को भी भारत में होने वाले जनमत संग्रह का समर्थन करने की मांग की है। इसके लिए बाकायदा पन्नू ने एक खतरनाक प्लान तैयार किया है। हालांकि यह बात अलग है कि आतंकी पन्नू की साजिशों की जानकारी भारतीय खुफिया एजेंसियों को लग चुकी है। उसके आधार पर ही पंजाब समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट भी जारी कर दिया गया है।
पन्नू ने अपनी खतरनाक साजिशों के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले सिखों को हथियार उठाने के लिए भी उकसाया है। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्र बताते हैं कि इसके लिए बाकायदा पन्नू ने सिखों को 1984 में हुए दंगों के माध्यम से भड़काने की कोशिश की है। इस दौरान उसने केंद्र सरकार की नीतियों पर हमला करते हुए सिखों से अपना हक लेने के लिए हथियार उठाने को कहा है। केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्र बताते हैं कि आतंकी गुरपतवन सिंह पन्नू की किसी भी साजिश को देश में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। हालांकि उनका कहना है कि खालिस्तान जनमत संग्रह के नाम पर देश के सिख लगातार पन्नू का विरोध ही करते हैं। इसलिए वह देश के सिखों को तोड़ने का काम भारत में तो बिल्कुल नहीं कर पाएगा।
वहीं आतंकी पन्नू ने यह धमकी भारत को तब दी है, जब एफबीआई चीफ क्रिस्टोफर रे देश में हैं। भारतीय विदेश सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रहे एसपी श्रीवास्तव कहते हैं कि पन्नू ने ये धमकी देकर इस बार बड़ी गलती कर दी है। उनका कहना है कि जिस पन्नू मामले की तहकीकात में ही एफबीआई के चीफ भारत में आए हैं, उसी दौरान पन्नू ने भारत का माहौल खराब करने की धमकी दे दी। उनका कहना है भारत लगातार ऐसे ही दुनियाभर के तमाम देशों को सबूत भी देता रहा है कि कैसे आतंकी पन्नू भारत में धमकी देकर माहौल खराब करता है। श्रीवास्तव कहते हैं कि निश्चित तौर पर एफबीआई चीफ के भारत में होने के दौरान पन्नू की धमकी का असर उसके ही खिलाफ जाएगा। भारत तो लगातार इस बात की दलील भी दे रहा है और सबूत भी दे रहा है कि अमेरिका और कनाडा के अलग-अलग हिस्सों में रहकर पन्नू और उसका संगठन साजिशें करता है।
दूसरी ओर आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू अमेरिकी जमीन से भी भारत के खिलाफ खालिस्तान के नाम पर बड़ी साजिश रच रहा है। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पन्नू ने जिस तरीके से कनाडा में सिख समुदाय के चुनिंदा लोगों को भारत के खिलाफ भड़काकर खालिस्तान की मांग के लिए जनमत संग्रह कराया है, अब ठीक उसी पैटर्न पर अमेरिका में वह साजिश रच रहा है। हालांकि अभी तक पन्नू का यह कथित जनमत संग्रह फ्लॉप ही रहा है। सिख फॉर जस्टिस के खालिस्तानी चरमपंथियों और आतंकी गुरुपतवंत सिंह पन्नू की ओर से 26 जनवरी और 28 जनवरी को अमेरिका में खालिस्तान के नाम पर जनमत संग्रह कराने की तारीख और इलाके घोषित किए हैं। केंद्रीय खुफिया एजेंसी को मिली जानकारी के आधार पर 26 जनवरी से कैलिफोर्निया में जनमत संग्रह कराने की तिथि निर्धारित की गई है। इसके अलावा 26 जनवरी से ही भारत में भी खालिस्तान जनमत संग्रह करने की धमकी दी है।