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पालतू हाथियों की जेनेटिक आईडी विकसित करने वाला पहला राज्य बना केरल
Thu, 20 Dec 2018 02:21 AM IST
संदीप भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: संदीप भट्ट
Updated Thu, 20 Dec 2018 02:21 AM IST
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देश में पहली बार केरल के पालतू हाथियों की डीएनए आधारित जेनेटिक आईडी (आनुवंशिक पहचान) तैयार की गई है। केरल सरकार की एक खास डीएनए डेटाबेस पहल के कारण यह संभव हुआ है।
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स्थानीय राजीव गांधी सेंटर फॉर बायोटेक्नेलॉजी (आरजीसीबी) के तकनीकी समर्थन से वन विभाग ने राज्य भर के सभी पंजीकृत पालतू हाथियों का डीएनए डेटाबेस तैयार किया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह डेटाबेस हाथियों के मालिकाना हक को लेकर किसी विवाद या अन्य जटिलताओं की स्थिति में प्रमाणिक दस्तावेज के रूप में मददगार साबित होगा।
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एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि इससे अवैध व्यापार, मालिकाना हक के प्रमाणपत्रों के फर्जीवाड़े और हाथियों से जुड़ी अन्य अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। विभाग में पंजीकृत लगभग 519 हाथियों की डीएनए प्रोफाइलिंग पूरी कर ली गई है।
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