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'मेरी कमाई बंद हो गई है': केरल भाजपा नेता सुरेश गोपी ने कहा- अगर मंत्री पद छोड़ना पड़े तो भी कोई अफसोस नहीं
Mon, 13 Oct 2025 08:49 AM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नूर
Published by: पवन पांडेय
Updated Mon, 13 Oct 2025 08:49 AM IST
सार
केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने अपने बयान से केरल की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। फिल्मों में लंबे समय तक सक्रिय रहे सुरेश गोपी का कहना कि उनकी आय पर कुछ लोग निर्भर हैं और मंत्री पद संभालने के बाद से वो बंद हो गई है। उन्होंने ये भी कहा, 'मैंने कभी मंत्री बनने की इच्छा नहीं की थी।'
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सुरेश गोपी, केंद्रीय मंत्री
- फोटो : ANI
विस्तार
केंद्रीय मंत्री और अभिनेता सुरेश गोपी ने शनिवार को एक भावुक बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने कभी मंत्री बनने की प्रार्थना नहीं की थी और उनका असली सपना फिल्मों में काम जारी रखना ही था। कन्नूर जिले में सुरेश गोपी ने बताया कि चुनाव से एक दिन पहले जब वे पत्रकारों से बात कर रहे थे, तभी उन्होंने साफ कर दिया था कि उन्हें मंत्री पद की इच्छा नहीं है।
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उन्होंने कहा, 'मैं सिर्फ अपना फिल्मी करियर जारी रखना चाहता था। मंत्री बनने में कई तरह की मुश्किलें आती हैं। मैं एक्टिंग कर के कमाना चाहता हूं, क्योंकि मेरे बच्चे अभी कहीं स्थिर नहीं हुए हैं और कुछ लोग मेरी कमाई पर निर्भर हैं। उनकी मदद करने के लिए मेरा आय का स्रोत बंद नहीं होना चाहिए… लेकिन अभी लगभग बंद हो चुका है।'
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सुरेश गोपी ने बताया उन्हें क्यों मिला मंत्री पद
उन्होंने पार्टी में अपने जुड़ाव को याद करते हुए बताया कि उन्होंने 28 अक्तूबर 2016 को जल्दबाजी में पार्टी की सदस्यता ली थी। उस वक्त पार्टी की ओर से छह महीने के अंदर सदस्य बनने का कहा गया था। सुरेश गोपी ने कहा कि उन्हें मंत्री पद इसलिए मिला क्योंकि वे केरल से जनता द्वारा चुने गए पहले सांसद हैं और पार्टी ने इस जनादेश का सम्मान किया।
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'सी. सदानंदन मास्टर को मंत्री बनाना नया अध्याय होगा'
उन्होंने आगे कहा, 'अगर मुझे इस पद से मुक्त कर दिया जाए और सी. सदानंदन मास्टर को मंत्री बनाया जाए, तो मैं मानता हूं कि यह केरल की राजनीति में एक नया अध्याय होगा।' केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य की राजनीति में नए समीकरणों और बदलाव की चर्चाएं तेज हैं। उनका यह कहना कि वे मंत्री पद छोड़ने को तैयार हैं और दूसरों के लिए रास्ता खोलना चाहते हैं, पार्टी के भीतर भी एक अहम संकेत माना जा रहा है।
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उन्होंने कहा, 'मैं सिर्फ अपना फिल्मी करियर जारी रखना चाहता था। मंत्री बनने में कई तरह की मुश्किलें आती हैं। मैं एक्टिंग कर के कमाना चाहता हूं, क्योंकि मेरे बच्चे अभी कहीं स्थिर नहीं हुए हैं और कुछ लोग मेरी कमाई पर निर्भर हैं। उनकी मदद करने के लिए मेरा आय का स्रोत बंद नहीं होना चाहिए… लेकिन अभी लगभग बंद हो चुका है।'
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सुरेश गोपी ने बताया उन्हें क्यों मिला मंत्री पद
उन्होंने पार्टी में अपने जुड़ाव को याद करते हुए बताया कि उन्होंने 28 अक्तूबर 2016 को जल्दबाजी में पार्टी की सदस्यता ली थी। उस वक्त पार्टी की ओर से छह महीने के अंदर सदस्य बनने का कहा गया था। सुरेश गोपी ने कहा कि उन्हें मंत्री पद इसलिए मिला क्योंकि वे केरल से जनता द्वारा चुने गए पहले सांसद हैं और पार्टी ने इस जनादेश का सम्मान किया।
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'सी. सदानंदन मास्टर को मंत्री बनाना नया अध्याय होगा'
उन्होंने आगे कहा, 'अगर मुझे इस पद से मुक्त कर दिया जाए और सी. सदानंदन मास्टर को मंत्री बनाया जाए, तो मैं मानता हूं कि यह केरल की राजनीति में एक नया अध्याय होगा।' केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य की राजनीति में नए समीकरणों और बदलाव की चर्चाएं तेज हैं। उनका यह कहना कि वे मंत्री पद छोड़ने को तैयार हैं और दूसरों के लिए रास्ता खोलना चाहते हैं, पार्टी के भीतर भी एक अहम संकेत माना जा रहा है।