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केरल हाईकोर्ट: शराब के राजस्व से ज्यादा कीमती है स्वास्थ्य
Thu, 08 Jul 2021 04:16 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, कोच्चि
एजेंसी, कोच्चि
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 08 Jul 2021 04:16 AM IST
सार
- केरल सरकार को महामारी में भी शराब की दुकानों के बाहर लंबी कतार के लिए लगाई फटकार
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kerala high court
- फोटो : PTI
विस्तार
राजस्व से ज्यादा कीमती स्वास्थ्य है। इस टिप्पणी के साथ केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को राज्य सरकार को शराब की दुकानों के बाहर कोविड नियमों का पालन करने में विफल रहने के लिए जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट केरल में सरकार के बेवरेजीज कॉरपोरेशन की दुकानों के बाहर लंबी-लंबी कतारों में बिना मास्क के खड़े लोगों के एक-दूसरे के ऊपर चढ़ने का प्रयास करने को लेकर नाराज थी।
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हाईकोर्ट ने इसे लेकर राज्य सरकार को विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही आबकारी आयुक्त को भी शराब की दुकानों के बाहर कोविड नियमों के उल्लंघन को लेकर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी।
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चीफ जस्टिस एस मणिकुमार और जस्टिस शाहजी पी छाले की पीठ ने कहा कि केरल फिलहाल सभी राज्यों में कोविड मामलों की संख्या के हिसाब से पहले नंबर पर है और राज्य सरकार एकतरफ टीकाकरण, ट्रेसिंग, क्वारंटीन जैसे कदम उठाकर संक्रमितों की संख्या घटाने का प्रयास कर रही है।
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दूसरी तरफ इसी दौरान सार्वजनिक स्थानों पर खासकर शराब की दुकानों पर भीड़ जुटाने की इजाजत नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य राजस्व से ज्यादा कीमती है। पीठ ने आगे कहा कि समय-समय पर केंद्र और राज्य सरकारों की तरफ से कोविड प्रोटोकॉल गाइडलाइंस के तहत जो आदेश जारी किए गए हैं, वे कुछ स्थानों, खासतौर पर शराब की दुकानों पर लागू होते नहीं दिखाई देते। कहीं पर भी नियम तोड़ने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
पीठ ने यह टिप्पणी दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान ली। पहली याचिका में वकील विजयन ने हाईकोर्ट से राज्य सरकार को शराब की दुकानों के बाहर भीड़ जुटने पर रोक लगाने का निर्देश देने की मांग की थी। दूसरी याचिका हाईकोर्ट ने अपने एक जज के इसी मुद्दे पर लिखे गए पत्र के आधार पर खुद शुरू की थी।