फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Kerala High Court has criticized the National Highways Authority of India in one of its judgments

NHAI: हाईकोर्ट ने कहा-अदालतों पर मुकदमों का बोझ डालना प्राधिकरण की आदत हो गई है

Sun, 18 Jun 2023 06:25 AM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Sun, 18 Jun 2023 06:25 AM IST
सार

जस्टिस अमित रावल और जस्टिस सीएस सुधा की डिवीजन पीठ ने कहा कि यदि एनएचएआई उचित सलाह लेता है तो वह मुकदमेबाजी में आने वाली लागत से बचेगा और भारी ब्याज देने के बोझ से बच जाएगा।

विज्ञापन
Kerala High Court has criticized the National Highways Authority of India in one of its judgments
केरल हाईकोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

केरल हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की आलोचना की है। हाईकोर्ट ने कहा कि अदालतों पर मुकदमों का बोझ डालना प्राधिकरण की आदत हो गई है और मुआवजा देने में देरी के कारण भारी ब्याज का भुगतान करना पड़ता है।
विज्ञापन


अपने आदेश में जस्टिस अमित रावल और जस्टिस सीएस सुधा की डिवीजन पीठ ने कहा कि यदि एनएचएआई उचित सलाह लेता है तो वह मुकदमेबाजी में आने वाली लागत से बचेगा और भारी ब्याज देने के बोझ से बच जाएगा। देश की अर्थव्यवस्था को बचाने में इसका बड़ा असर हो सकता है। पीठ का आदेश तिरुवनंतपुरम के एक भूमि मालिक की दायर अपील पर आया। याचिकाकर्ता की संपत्ति एनएचएआई ने एनएच 47 के कझाकुट्टम-करोदे खंड से बचने के लिए बाईपास बनाने के लिए अधिग्रहीत की गई थी। सक्षम प्राधिकारी के तय किए गए मुआवजे से असंतुष्ट जमीन मालिक ने मध्यस्थता की मांग की, जिसके दौरान भूमि का मूल्य 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया था। यह दावा करते हुए कि राशि अत्यधिक है, एनएचएआई ने तिरुवनंतपुरम में एक स्थानीय अदालत का दरवाजा खटखटाया। स्थानीय अदालत ने मध्यस्थता के आदेश को रद्द कर दिया। इसके बाद भूमि मालिक ने हाईकोर्ट में अपील की।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed