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केरल : हाथियों की दुर्दशा को लेकर हाईकोर्ट चिंतित, निरीक्षण के लिए न्याय मित्र की नियुक्ति की
Wed, 29 Dec 2021 05:28 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, कोच्चि
एजेंसी, कोच्चि
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 29 Dec 2021 05:28 AM IST
सार
केरल हाईकोर्ट ने तिरुवनंतपुरम जिले के कोट्टूर में हाथियों की दुर्दशा को लेकर न्याय मित्र को 15 जनवरी, 2022 को केंद्र का निरीक्षण करने व वहां मौजूद हर प्रकार की सुविधाओं के बारे में रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। दरअसल, हाईकोर्ट ने सस्थमकोट्टा श्री धर्म संस्था टेंपल के ‘सस्थमकोट्टा नीलाकंदन’ नाम के एक हाथी की दुर्दशा के बारे में साल 2018 आई खबरों पर संज्ञान लिया था।
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केरल उच्च न्यायालय
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
केरल हाईकोर्ट ने तिरुवनंतपुरम जिले के कोट्टूर में हाथियों की दुर्दशा को लेकर उनका उचित निरीक्षण और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में रिपोर्ट देने के लिए एक न्याय मित्र की नियुक्ति की है। केरल हाईकोर्ट ने न्याय मित्र को 15 जनवरी, 2022 को केंद्र का निरीक्षण करने व वहां मौजूद हर प्रकार की सुविधाओं के बारे में रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है।
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दरअसल, हाईकोर्ट ने सस्थमकोट्टा श्री धर्म संस्था टेंपल के ‘सस्थमकोट्टा नीलाकंदन’ नाम के एक हाथी की दुर्दशा के बारे में साल 2018 आई खबरों पर संज्ञान लिया था। उसी याचिका पर यह फैसला आया है। हाईकोर्ट के आदेशों पर इस हाथी को हाथी पुनर्वास केंद्र ले जाया गया और इलाज के दौरान वहां उसकी मौत हो गई।
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अदालत ने पाया कि कोट्टूर केंद्र में पुनर्वास के दौरान हाथी को इलाज देने और उसकी देखभाल में खामियां रही। अदालत ने यह भी कहा था कि कोट्टूर केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं में सुधार लाने की बेहद आवश्यकता है क्योंकि यह केरल में इकलौता हाथी पुनर्वास केंद्र है।
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इसके बाद राज्य सरकार ने अदालत को बताया था कि कोट्टूर केंद्र को उन्नत किया जा रहा है और इसे 51 हेक्टेयर के क्षेत्र तक बढ़ाया जाएगा, जहां हाथियों को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस मामले पर अगली सुनवाई के लिए 21 जनवरी की तारीख तय कर दी।