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Hartal Violence: केरल सरकार ने पीएफआई के 248 कार्यकर्ताओं की संपत्ति कुर्क की, हाईकोर्ट में दी जानकारी
Mon, 23 Jan 2023 10:46 PM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
Published by: गुलाम अहमद
Updated Mon, 23 Jan 2023 10:46 PM IST
सार
इससे पहले केरल हाईकोर्ट ने हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ वसूली की कार्यवाही करने के अपने आदेश को लागू करने में सरकार की देरी पर नाराजगी जताई थी। सोमवार को हाईकोर्ट के समक्ष दायर कार्रवाई रिपोर्ट में गृह विभाग ने सूचित किया कि सबसे अधिक 126 संपत्तियां मलप्पुरम जिले में अटैच की गई हैं।
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केरल हाईकोर्ट
- फोटो : ANI
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विस्तार
केरल सरकार ने प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के 248 कार्यकर्ताओं की संपत्तियों को कुर्क किया है।पिछले साल सितंबर में पीएफआई द्वारा बुलाई गई हड़ताल के दौरान हिंसा में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के संबंध में यह वसूली की कार्यवाही की गई। राज्य सरकार ने सोमवार को केरल हाईकोर्ट में यह जानकारी दी।
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इससे पहले हाईकोर्ट ने हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ वसूली की कार्यवाही करने के अपने आदेश को लागू करने में सरकार की देरी पर नाराजगी जताई थी। सोमवार को हाईकोर्ट के समक्ष दायर कार्रवाई रिपोर्ट में गृह विभाग ने सूचित किया कि सबसे अधिक 126 संपत्तियां मलप्पुरम जिले में अटैच की गई हैं। राज्य सरकार ने यह भी कहा कि मलप्पुरम जिले में कुर्की के संबंध में विवाद थे, उसे ठीक करने के लिए कार्रवाई की जाएगी। क्योंकि आरोपियों का कहना है कि उनका पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से कोई संबंध नहीं है। इन आपत्तियों की सत्यता की जांच की जा रही है और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्व विभाग ने पलक्कड़ जिले में 23 और कोझिकोड में 22 संपत्तियों को कुर्क किया है। वहीं, त्रिशूर जिले में 18 संपत्तियों को, वायनाड में 11 और कन्नूर आठ संपत्तियों को कुर्क किया गया। पठानमथिट्टा, इडुक्की, एर्नाकुलम और कासरगोड जिलों में छह-छह संपत्तियों को कुर्क किया गया जबकि तिरुवनंतपुरम, अलप्पुझा और कोट्टायम जिलों में पांच-पांच संपत्तियों को कुर्क किया गया। कोल्लम जिले में केवल एक संपत्ति कुर्क की गई है।
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मृत नेता के घर पर चिपकाया वसूली नोटिस
इस बीच, एसडीपीआई के एक पूर्व नेता के घर पर राजस्व वसूली नोटिस कथित तौर पर चिपकाया गया है, जिसकी सितंबर 2022 में हुई हड़ताल से पांच महीने पहले ही मौत हो गई थी। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार ने वसूली कार्यवाही के तहत उसके निर्दोष कार्यकर्ताओं की संपत्तियों को कुर्क किया है। पार्टी का कहना है कि पीएफआई के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर एलडीएफ सरकार आईयूएमएल के निर्दोष कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है, जबकि हड़ताल के दौरान हिंसा में शामिल असली दोषियों को बचा रही है।
पिछले सितंबर में हड़ताल के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान के संबंध में वसूली की कार्यवाही के तहत प्रतिबंधित पीएफआई के गिरफ्तार नेताओं की संपत्तियों को कुर्क करने के लिए राजस्व विभाग ने शुक्रवार को राज्यव्यापी अभियान चलाया था। केरल हाईकोर्ट ने बीते 18 जनवरी को राज्य सरकार को वसूली पूरी करने और 23 जनवरी तक जिलेवार रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था।