{"_id":"627dad526d13f7538e2dec12","slug":"kerala-governor-arif-mohammad-khan-said-maulvis-suppressing-women-against-quran","type":"story","status":"publish","title_hn":"फटकार : केरल के राज्यपाल आरिफ बोले- कुरान के खिलाफ महिलाओं का दमन कर रहे मौलवी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
फटकार : केरल के राज्यपाल आरिफ बोले- कुरान के खिलाफ महिलाओं का दमन कर रहे मौलवी
Fri, 13 May 2022 06:28 AM IST
योगेश साहू
एजेंसी, तिरुवनंतपुरम।
एजेंसी, तिरुवनंतपुरम।
Published by: योगेश साहू
Updated Fri, 13 May 2022 06:28 AM IST
सार
इस्लामिक शिक्षा बोर्ड, समस्था की तरफ से केरल में करीब 10 हजार मदरसों का संचालन किया जाता है और इसके उपाध्यक्ष एमटी अब्दुल्ला मुसलियार केरल की राजनीति में खासा दखल रखते हैं। इसे लेकर आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि भले ही कोई कितना भी बड़ा आदमी हो, कानून उसपर भी लागू होता है। लोकतंत्र में सिर्फ कानून का राज मायने रखता है।
विज्ञापन
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान
- फोटो : फेसबुक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के मुताबिक देश के मौलवी कुरान और संविधान के प्रावधान व निर्देशों के खिलाफ महिलाओं का दमन कर रहे हैं। मल्लापुरम जिले में एक मदरसे के उद्घाटन के दौरान स्टेज पर एक मुस्लिम लड़की को सम्मानित करने के लिए बुलाए जाने पर मुस्लिम विद्वान व इस्लामिक शिक्षा बोर्ड समस्था के उपाध्यक्ष एमटी अब्दुल्ला मुसलियार ने आयोजकों को डांटते हुए लड़की को अपमानित किया।
विज्ञापन
मुस्लिम विद्वान ने कहा- पिता को बुलाते : कक्षा 10 की छात्रा के अपमान का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना है, जिसमें एमटी अब्दुल्ला मुसलियार कहते दिख रहे हैं कि आखिर उनकी मौजूदगी में संस्था के नियमों के खिलाफ लड़की को स्टेज पर क्यों बुलाया गया, अगर लड़की को सम्मानित करना था, तो उसके पिता को स्टेज पर बुलाना चाहिए था। वीडियो में आयोजक ने माफी मांगते दिख रहा है। इस घटना के दौरान इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के नेता पनक्कड़ सैयद अब्बास अली शिहाब थंगल भी मंच पर मौजूद थे।
विज्ञापन
होनहार होना गुनाह बन गया
घटना की निंदा करते हुए राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने ट्वीट कर कहा, मौलवियों की तरफ से मुस्लिम महिलाओं के दमन का यह एक और उदाहरण है। इस घटना पर राज्य और राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक नेतृत्व की खामाशी निराशाजनक है। जबकि, सभी दलों को बेटियों के सम्मान की रक्षा के लिए आगे बढ़कर इस घटना की निंदा करनी चाहिए। उस लड़की का सिर्फ यही कसूर है कि वह होनहार है और मुस्लिम परिवार में पैदा हुई है। जबकि, कुरान और संविधान दोनों ही महिलाओं के सम्मान की बात करते हैं।
विज्ञापन
बच्ची को अपमानित करने का हक नहीं
इस्लामिक शिक्षा बोर्ड, समस्था की तरफ से केरल में करीब 10 हजार मदरसों का संचालन किया जाता है और इसके उपाध्यक्ष एमटी अब्दुल्ला मुसलियार केरल की राजनीति में खासा दखल रखते हैं। इसे लेकर आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि भले ही कोई कितना भी बड़ा आदमी हो, कानून उसपर भी लागू होता है। लोकतंत्र में सिर्फ कानून का राज मायने रखता है। एक व्यक्ति लाखों मदरसे चलाता हो, लेकिन इससे वह एक बच्ची को अपमानित करने का हक हासिल नहीं कर सकता।