Kerala: एनसीईआरटी का सिलेबस बदलने पर सियासत, सीएम विजयन बोले- मुगलों के बिना इतिहास अधूरा
सीएम ने कहा कि मुगल साम्राज्य के बिना भारत का मध्यकालीन इतिहास अधूरा है। मध्यकालीन भारतीय इतिहास को संघ परिवार ने हमेशा तोड़-मरोड़ कर पेश किया है।
विस्तार
एनसीईआरटी के सिलेबस को अपडेट करने वाले केंद्र सरकार के फैसले का केरल सीएम ने विरोध किया है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने फैसले की निंदा करते हुए कहा कि अकादमिक किताबों का भगवाकरण किया गया है।
पढ़िए, सीएम ने क्या कहा
सीएम विजयन ने फैसले का विरोध करते हुए फेसबुक पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि पाठ्य पुस्तकों से असुविधाजनक हिस्से को हटाकर एतिहासिक तथ्यों को नकारा नहीं जा सकता। राजनीतिक के मकसद से पुस्तकों से कुछ अंशों और अध्यायों को हटाना निंदनीय कदम था। सीएम ने कहा कि इस तरह के फैसले से पुस्तकों का भगवाकरण किया जा रहा है। विजयन ने कहा कि राजनीति विज्ञान की किताबों से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या और आरएसएस पर प्रतिबंध वाले चैप्टर्स को हटाया गया है, इससे किसे क्या फायदा होगा, यह सब जानते हैं।
इतिहास पर लीपापोती का आरोप
इतिहास की पाठ्यपुस्तक से मुगल साम्राज्य के कुछ हिस्से काटने पर सीएम ने कहा कि मुगल साम्राज्य के बिना भारत का मध्यकालीन इतिहास अधूरा है। मध्यकालीन भारतीय इतिहास को संघ परिवार ने हमेशा तोड़-मरोड़ कर पेश किया है। सीएम ने संघ परिवार द्वारा बनाए गए नकली इतिहास पर लीपापोती करने का आरोप लगाया है। विजयन ने कहा कि इस तरह के कदमों के खिलाफ विरोध करने की जरूरत है। नहीं तो संघ धर्मनिरपेक्ष शिक्षा को कमजोर कर देगा।
एनसीईआरटी ने दी सफाई
एनसीईआरटी ने कक्षा 12 की दो पाठ्य पुस्तकों से 2002 हिंसा के संदर्भ को हटाने के बाद, गुजरात दंगों से संबंधित अंशों को कक्षा 11 की किताबों से हटा दिया है। कांग्रेस ने भी केंद्र पर सफेदी करने का आरोप लगाया है। एनसीईआरटी के प्रमुख दिनेश सकलानी ने कहा कि पाठ्यक्रम को पिछले साल जून में ही बना दिया गया था। इस साल पाठ्यक्रम में कोई कटौती नहीं की गई है।