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एमबीए पास युवक ने ठुकराया टिकट: टीवी में नाम देख घबराया, केरल में भाजपा ने बनाया था प्रत्याशी
Wed, 17 Mar 2021 10:46 AM IST
अंशुल तलमले
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अंशुल तलमले
Updated Wed, 17 Mar 2021 10:46 AM IST
सार
केरल में विधानसभा की 140 सीटें है और यहां विधानसभा का कार्यकाल एक जून को पूरा हो रहा है।
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एमबीए पास युवक मनीकुट्टन
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
चुनाव में टिकट पाने के लिए दावेदार किसी भी हद तक गुजर जाते हैं। अपने नेताओं की मान मनौव्वल से लेकर रिश्वत तक की खबरें सामने आती रहती हैं। पार्टी मुख्यालय के सामने समर्थकों के साथ डेरा डाले बैठ जाते हैं। इसी बीच एक ऐसा मामला भी सामने आया है जिसे सुनकर आप शायद यकीन न करें। केरल में एमबीए तक की पढ़ाई कर चुके एक 31 वर्षीय युवक ने टिकट मिलने के बाद चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। जी हां! यह सच है।
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क्या है पूरा मामला?
पूरा मामला सूबे के वायनाड जिले की मानंतवाड़ी सीट से जुड़ा है, जो अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए आरक्षित है। राज्य में अपनी जमीन तलाशने में जुटी भाजपा ने यहां से पनिया जनजाति के पढ़े-लिखे युवक मनीकुट्टन को टिकट दिया। बीते रविवार को जारी प्रत्याशियों की सूची में उनका भी नाम था। मीडिया से बात करते हुए इस नौजवान ने बताया कि, 'जब मैंने अपना नाम टीवी पर अपना देखा तो मैं चौंक गया। मैं बहुत खुश हूं कि पार्टी ने पनिया समुदाय से किसी उम्मीदवार को चुना, लेकिन मैंने फोन पर बेहद आदर के साथ पार्टी को चुनाव न लड़ने के अपने फैसले से अवगत कराया।
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परिवार को समय देना चाहते हैं
मनीकुट्टन की माने तो वह घबरा गए थे और आनन-फानन में राजनीति छोड़ने का भी निर्णय ले लिया। एमबीए कर चुके 31 वर्षीय युवक की माने तो वह एक आम नागरिक बनकर ही देश की सेवा करना चाहते हैं। नौकरी करना चाहते हैं। अपने परिवार के साथ समय गुजारना चाहते हैं। चुनाव की राजनीति में नहीं उतरना चाहते। इसलिए खुशी-खुशी पार्टी के ऑफर को मना किया। याद हो कि केरल में बीजेपी का एकमात्र विधायक है। 2016 के विधानसभा चुनाव में ओलनचेरी राजगोपाल तिरुअनंतपुरम की नेमोम सीट से चुनाव लड़ कर जीते थे।
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केरल में भाजपा का अस्तित्व नहीं
केरल में फिलहाल वाम लोकतांत्रिक मोर्चा की सरकार है। उसका मुकाबला कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे से है। भाजपा भी वहां खुद को स्थापित करने के लिए लंबे समय से जोर आजमाइश कर रही है। पिछले विधानसभा चुनाव में माकपा को 58 सीटों पर जबकि उसकी सहयोगी भाकपा को 19 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। कांग्रेस को 22 सीटें और आईयूएमएल को 18 सीटों पर विजय हासिल हुई थी।