कर्नाटक: सिद्धारमैया का कुमारस्वामी पर हमला- मुझे दोस्त नहीं हमेशा दुश्मन समझा
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कर्नाटक में कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) की गठबंधन सरकार गिरने के बाद दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। अब कांग्रेस नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का कहना है कि कुमारस्वामी ने उन्हें कभी दोस्त नहीं समझा। मैसूरू में उन्होंने कहा, एचडी कुमारस्वामी ने मुझे कभी दोस्त, शुभचिंतक और सहयोगी नहीं समझा बल्कि मुझे एक दुश्मन माना और मुझसे बदला लेने लगे। इसी कारण सारी परेशानियां शुरू हुईं। मैं उनका दुश्मन कैसे हो सकता हूं।
Siddaramaiah, former Karnataka CM & Congress leader, in Mysuru: HD Kumaraswamy never treated me as a friend or confidant, but instead considered me as an enemy and that led to all the problems. (25.08.2019) pic.twitter.com/FW4gpOfGZC
— ANI (@ANI) August 26, 2019विज्ञापन
इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस के वरिष्ठ नेता एचडी देवगौड़ा ने कहा था कि राज्य में गठबंधन सरकार इसलिए गिरी क्योंकि राष्ट्रीय दल के आलाकमान ने अपनी पार्टी के नेता सिद्धरमैया से विचार-विमर्श किए बिना उनके बेटे एचडी कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया था।
23 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री ने सिद्धारमैया पर निशाना साधते हुए कांग्रेस आलाकमान के फैसले को गलत ठहराया था। इससे एक ही दिन पहले उन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस के कुछ मित्र गठबंधन सरकार को गिराना चाहते थे क्योंकि वे कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री के रूप में नहीं देख सकते।
देवगौड़ा ने यहां बंगलूरू में बीते गुरुवार को संवाददाताओं से कहा था, 'मैंने स्पष्ट रूप से कहा है कि पांच साल मुख्यमंत्री रहे सिद्धारमैया को विश्वास में लिए बिना सोनिया गांधी और राहुल गांधी अचानक सामने आए और कहा कि कुमारस्वामी अगले मुख्यमंत्री है। यह गलत फैसला था।'
देवगौड़ा पर पलटवार करते सिद्धारमैया ने कहा था कि मैंने और देवेगौड़ा ने कई निर्वाचन क्षेत्रों में प्रचार किया था। उन्होंने अपनी और अपने पोतों की हार के लिए मुझे जिम्मेदार ठहराया है तो उन्हें बताना चाहिए कि आखिर हमारे (कांग्रेस) उम्मीदवार क्यों हारे। इसके पीछे क्या कारण थे? क्या वह उन लोगों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई करेंगे जिन्होंने हमारे खिलाफ वोट किया था?
कांग्रेस और जेडीएस की गठबंधन सरकार केवल 14 महीने तक चली। कांग्रेस और जेडीएस को खासकर मैसुरू क्षेत्र में एक-दूसरे का चिर प्रतिद्वंद्वी माना जाता है। 2018 का विधानसभा चुनाव दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ लड़ा था। हालांकि बाद में दोनों ने हाथ मिलाकर गठबंधन सरकार बना ली थी जो अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाई।