कर्नाटक में ठेकेदार की मौत: मंत्री ईश्वरप्पा के खिलाफ FIR दर्ज, कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा, सीएम ने दिया जांच का भरोसा
कर्नाटक में ठेकेदार की मौत के मामले में कांग्रेस ने मंत्री केएस ईश्वरप्पा का इस्तीफा मांगा है। जिस पर मंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि इसका तो सवाल ही नहीं उठता। कमीशन मांगने के आरोप पर उन्होंने कहा कि मैं दोषी नहीं हूं।
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विस्तार
उडुपी के एक होटल में मंगलवार को एक सरकारी ठेकेदार संतोष पाटिल मृत पाए गए। इस मामले में कर्नाटक सरकार में ग्रामीण विकास और पंचायती राजमंत्री केएस ईश्वरप्पा आरोपों के घेरे में हैं। कांग्रेस ने इस मामले में सीएम बासवराज से उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पंचायती राजमंत्री केएस ईश्वरप्पा ने भी साफ कर दिया है कि वे पद नहीं छोड़गें। गौरतलब है कि मृत ठेकेदार ने उनपर कराए गए काम के बदले में चालीस परसेंट कमीशन की मांगने का आरोप लगाया था। वहीं मामले ने जब तुल पकड़ा तो पुलिस ने मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।
कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा
ठेकेदार संतोष पाटिल की मौत को लेकर कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने ईश्वरप्पा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हमें संतोष पाटिल की मौत के बारे में जानकारी मिली है। सभी जानते हैं कि यह एक हत्या है। उनकी मौत भ्रष्टाचार के आरोपों की वजह से हुई है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि ईश्वरप्पा के खिलाफ निश्चित तौर पर के तहत एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने आईपीसी की धारा 302 के तहत गिरफ्तारी की मांग की।
इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही उन्होंने ईश्वरप्पा को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए जाने की मांग भी की। इसके साथ ही कांग्रेस के दूसरे नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मृतक ठेकेदार ने ईश्वरप्पा का नाम लिया है, उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए। उन्होंने सीएम हाउस का घेराव करने की चेतावनी भी दी।
ठेकेदार संतोष पाटिल बेलगावी के रहने वाले थे। वे उडुपी के एक होटल में मंगलवार को मृत पाए गए। उन्होंने पूर्व में ईश्वरप्पा पर अपने द्वारा किए गए कार्यों पर कमीशन की मांग करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद मंत्री ईश्वरप्पा ने न केवल उनके आरोपों को खारिज किया था बल्कि उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दायर किया। वहीं, इस दौरान एक बात और सामने आई है कि अपने कथित व्हाट्सएप संदेश में, पाटिल ने मंत्री को उनकी मृत्यु के लिए जिम्मेदार ठहराया।
विपक्षी कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा इस्तीफे की मांग पर ईश्वरप्पा ने कहा कि इस्तीफा देने का कोई सवाल ही नहीं है। मुझे संतोष पाटिल के खिलाफ दायर मामले में अदालत के फैसले का इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि मैं यह स्पष्ट कर देता हूं कि मेरी कहीं भी गलती नहीं है। इस दौरान मंत्री ने दोहराया कि वह संतोष को नहीं जानते हैं। उनके मुताबिक, संतोष के आरोप के आधार पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कर्नाटक में आरडीपीआर को लिखा था और उसी के मुताबिक उसका जवाब दिया गया था।
ईश्वरप्पा ने कहा कि यह बहुत स्पष्ट है कि मैंने उनसे कोई कमीशन नहीं मांगा। मानहानि का मुकदमा दायर करने के बाद उन्हें एक नोटिस भेजा गया है। अब मुझे मीडिया के माध्यम से पता चला है कि उन्होंने आत्महत्या कर ली है। इसके अलावा, मुझे और कुछ नहीं पता।
बोम्मई ने दिया पारदर्शी जांच का आश्वासन
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कहा कि पुलिस एक ठेकेदार की मौत की संपूर्ण और पारदर्शी तरीके से जांच करेगी। ठेकेदार ने कर्नाटक सरकार के एक मंत्री पर एक सार्वजनिक कार्य में 40 प्रतिशत कमीशन की मांग करने का आरोप लगाया था। बोम्मई ने इस संबंध में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की विपक्ष की मांग को भी खारिज कर दिया है।
बोम्मई ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मैं एक बात स्पष्ट करना चाहता हूं कि इस मामले की संपूर्ण जांच की जाएगी। हमारी तरफ से कोई हस्तक्षेप या निर्देश नहीं होगा। पुलिस स्वतंत्र रूप से मामले की जांच करेगी और सच्चाई सामने आएगी।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर