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Sanatana: कर्नाटक के मंत्री ने उदयनिधि स्टालिन का किया समर्थन! बोले- जिस धर्म में समानता नहीं, वो बीमारी जैसा
Mon, 04 Sep 2023 02:31 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलुरू
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 04 Sep 2023 02:31 PM IST
सार
खरगे ने कहा कि मेरे अनुसार...कोई भी धर्म जो समान अधिकार नहीं देता या इंसानों से इंसानों की तरह व्यवहार नहीं करता है, वह बीमारी के जैसा है।'
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प्रियांक खरगे
- फोटो : ANI
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विस्तार
तमिलनाडु की डीएमके सरकार के मंत्री उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म को लेकर दिए बयान पर हंगामा जारी है। उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को खत्म करने की बात कही थी, जिसे लेकर उनकी खूब आलोचना हो रही है। अब कर्नाटक सरकार के मंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे ने उदयनिधि स्टालिन का समर्थन किया है।
प्रियांक खरगे बोले- जहां असमानता, वो धर्म नहीं
मीडिया से बात करते हुए प्रियांक खरगे ने कहा कि 'कोई भी धर्म, जो असमानता को बढ़ावा देता है और इंसान होने की गरिमा का हनन करता है तो वह धर्म नहीं है। खरगे ने कहा कि मेरे अनुसार...कोई भी धर्म जो समान अधिकार नहीं देता या इंसानों से इंसानों की तरह व्यवहार नहीं करता है, वह बीमारी के जैसा है।' बता दें कि डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान अपने बयान में कहा कि 'कुछ ऐसी चीजें होती हैं, जिनका विरोध करना काफी नहीं होता, हमें उन्हें मिटाना ही होगा। मच्छर, डेंगू बुखार, मलेरिया, कोरोना, ये ऐसी चीजें हैं जिनका हम केवल विरोध नहीं कर सकते बल्कि हमें इन्हें मिटाना होगा। सनातन भी ऐसा ही है।' उदयनिधि स्टालिन के इस बयान के बाद उनकी तीखी आलोचना शुरू हो गई। भाजपा ने भी स्टालिन को आड़े हाथों ले लिया और विपक्षी गठबंधन को भी जमकर कोसा।
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एक देश, एक चुनाव पर भी साधा निशाना
सरकार ने संसद का विशेष सत्र बुलाया है। जिसके बाद चर्चा है कि सरकार एक देश, एक चुनाव को लेकर कोई बड़ा फैसला कर सकती है। इसे लेकर जब प्रियांक खरगे से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि एक देश, एक चुनाव, विपक्षी गठबंधन INDIA से ध्यान हटाने की कोशिश है। भाजपा डरी हुई है...वह महामारी, मणिपुर हिंसा या चीन के अतिक्रमण को लेकर संसद का विशेष सत्र नहीं बुलाते हैं...हमें इसके लिए पांच से ज्यादा संविधान संशोधन करने होंगे। मैं प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार से अपील करता हूं कि वह लोकसभा के रिसर्च विभाग द्वारा सुझाए गए, इसके पक्ष-विपक्ष पर गंभीरता से गौर करें।
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प्रियांक खरगे बोले- जहां असमानता, वो धर्म नहीं
मीडिया से बात करते हुए प्रियांक खरगे ने कहा कि 'कोई भी धर्म, जो असमानता को बढ़ावा देता है और इंसान होने की गरिमा का हनन करता है तो वह धर्म नहीं है। खरगे ने कहा कि मेरे अनुसार...कोई भी धर्म जो समान अधिकार नहीं देता या इंसानों से इंसानों की तरह व्यवहार नहीं करता है, वह बीमारी के जैसा है।' बता दें कि डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान अपने बयान में कहा कि 'कुछ ऐसी चीजें होती हैं, जिनका विरोध करना काफी नहीं होता, हमें उन्हें मिटाना ही होगा। मच्छर, डेंगू बुखार, मलेरिया, कोरोना, ये ऐसी चीजें हैं जिनका हम केवल विरोध नहीं कर सकते बल्कि हमें इन्हें मिटाना होगा। सनातन भी ऐसा ही है।' उदयनिधि स्टालिन के इस बयान के बाद उनकी तीखी आलोचना शुरू हो गई। भाजपा ने भी स्टालिन को आड़े हाथों ले लिया और विपक्षी गठबंधन को भी जमकर कोसा।
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एक देश, एक चुनाव पर भी साधा निशाना
सरकार ने संसद का विशेष सत्र बुलाया है। जिसके बाद चर्चा है कि सरकार एक देश, एक चुनाव को लेकर कोई बड़ा फैसला कर सकती है। इसे लेकर जब प्रियांक खरगे से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि एक देश, एक चुनाव, विपक्षी गठबंधन INDIA से ध्यान हटाने की कोशिश है। भाजपा डरी हुई है...वह महामारी, मणिपुर हिंसा या चीन के अतिक्रमण को लेकर संसद का विशेष सत्र नहीं बुलाते हैं...हमें इसके लिए पांच से ज्यादा संविधान संशोधन करने होंगे। मैं प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार से अपील करता हूं कि वह लोकसभा के रिसर्च विभाग द्वारा सुझाए गए, इसके पक्ष-विपक्ष पर गंभीरता से गौर करें।