फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Karnataka, Kerala, West Bengal, Bihar and Puducherry did not attend Niti Aayog Council meeting: CEO

Niti Aayog: 'निवेशकों को आकर्षित और रोजगार सृजन के लिए बाधाएं करें दूर', पीएम मोदी ने राज्यों को दिए सुझाव

Sat, 24 May 2025 07:45 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Sat, 24 May 2025 07:45 PM IST
सार

Niti Aayog Meeting: नीति आयोग की बैठक में 36 में से 31 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने भाग लिया है। ये जानकारी सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने साझा की है। उन्होंने बताया कि इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश निवेशकों को आकर्षित और रोजगार सृजन के लिए नीतिगत बाधाएं दूर करें।

विज्ञापन
Karnataka, Kerala, West Bengal, Bihar and Puducherry did not attend Niti Aayog Council meeting: CEO
नीति आयोग की बैठक - फोटो : PTI

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से निवेश को प्रोत्साहित करने और रोजगार पैदा करने के लिए नीतिगत अड़चनों को दूर करने को कहा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर केंद्र सरकार और राज्य मिलकर टीम इंडिया की तरह काम करें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
विज्ञापन


सभी ने ऑपरेशन सिंदूर का किया समर्थन- सुब्रह्मण्यम
नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक के बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि बैठक में मौजूद सभी लोगों ने सर्वसम्मति से पाकिस्तान में आतंकी ढांचे को नष्ट करने के लिए भारत की तरफ से शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों से कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा पर ध्यान केंद्रित करने का भी आग्रह किया।
विज्ञापन

 

36 में से 31 राज्य बैठक में हुए शामिल
दिल्ली में नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक के बाद नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि, 'हमारे 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 31 ने इस बैठक में हिस्सा लिया। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की यह अब तक की सबसे अधिक भागीदारी है...यह वास्तव में दर्शाता है कि लोग बहुत सकारात्मक सोच के साथ आए थे। पांच राज्य जो अनुपस्थित थे- कर्नाटक, केरल, पुडुचेरी, पश्चिम बंगाल और बिहार- हमें पहले से ही सूचित कर दिया गया था। हमें पहले से ही पता था कि वे नहीं आ रहे हैं'।

नीति आयोग की बैठक में शामिल थे दो एजेंडे
उन्होंने आगे बताया कि, 'बैठक के एजेंडे में कार्रवाई रिपोर्ट के अलावा दो आइटम शामिल थे। सबसे पहले, बैठक का विषय और एजेंडे में पहला आइटम 'विकसित भारत के लिए विकसित राज्य' था। पूरा विचार यह है कि पिछली गवर्निंग काउंसिल में, प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों से अपने-अपने राज्य के विजन तैयार करने का आह्वान किया था, ताकि उनके पास ऐसे विजन हों जो बाद में एक बड़े समूह में समाहित हो जाएं। राष्ट्र के लिए विजन। इसलिए मुझे लगता है कि पिछले एक साल से एजेंडा इसी पर आधारित है और यही कारण है कि आज की गवर्निंग काउंसिल की बैठक का मुख्य विषय यही रहा'।
 
'ढाई-तीन साल में हम दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था होंगे'
बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने इस दौरान कहा कि, 'भारत एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है... मुझे लगता है कि देश एक ऐसे मुकाम पर है, जहां यह बहुत तेजी से विकास कर सकता है... प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों से अपने स्तर पर विजन दस्तावेज तैयार करने का आह्वान किया है और यह भारत के विकास में पहले से ही दिखाई दे रहा है। मैं जब बोल रहा हूं, तब हम चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। हम चार ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था हैं। आज भारत जापान से भी बड़ा है। अगर हम अपनी योजना और सोच-विचार पर टिके रहें, तो यह अगले 2.5-3 साल की बात है, हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे... अच्छी बात यह है कि लगभग 17 राज्यों ने अपने विजन तैयार कर लिए हैं और जारी कर दिए हैं या जारी करने वाले हैं। उनमें से पांच ने विजन जारी कर दिए हैं- यूपी, पंजाब, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात और अन्य अगस्त तक विजन जारी कर देंगे'।
 
'भविष्य के लिए तैयार शहरों की दिशा में करें काम'
प्रधानमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि राज्यों को वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रत्येक राज्य में कम से कम एक पर्यटन स्थल विकसित करना चाहिए और सभी सुविधाएं और बुनियादी ढांचा प्रदान करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'एक राज्य: एक वैश्विक गंतव्य। इससे पड़ोसी शहरों का पर्यटन स्थल के रूप में विकास भी होगा।' भारत में तेजी से शहरीकरण हो रहा है, इस पर ध्यान देते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'हमें भविष्य के लिए तैयार शहरों की दिशा में काम करना चाहिए।' उन्होंने कहा कि विकास, नवाचार और स्थिरता भारत के शहरों के विकास का इंजन होना चाहिए। पीएम मोदी ने कार्यबल में महिलाओं को शामिल करने की दिशा में काम करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, 'हमें ऐसे कानून और नीतियां बनानी चाहिए, जिससे उन्हें कार्यबल में सम्मानपूर्वक एकीकृत किया जा सके।'
 

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बड़ी बैठक
बता दें कि, नीति आयोग की सर्वोच्च संस्था परिषद में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल और कई केंद्रीय मंत्री शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी नीति आयोग के अध्यक्ष हैं। इस बैठक में पीएम मोदी ने कहा, 'हमारा लक्ष्य प्रत्येक राज्य को विकसित, प्रत्येक शहर को विकसित, प्रत्येक नगर पालिका को विकसित और प्रत्येक गांव को विकसित बनाना होना चाहिए। अगर हम इन तर्ज पर काम करेंगे, तो हमें विकसित भारत बनने के लिए 2047 तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।' ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह प्रधानमंत्री की सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के साथ पहली बड़ी बैठक है।



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed